अमेरिकी चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं पिया डंडिया, अरुणा मिलर और सुहास सुब्रमण्यम ने दर्ज की जीत

US Midterm Elections 2026

US Midterm Elections 2026: अमेरिका के मिडटर्म चुनाव में भारतीय मूल के नेताओं ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। पिया डंडिया, सुहास सुब्रमण्यम और अरुणा मिलर ने चुनाव में जीत हासिल की है। इन नतीजों के साथ अमेरिकी राजनीति में भारतीय-अमेरिकी समुदाय का प्रतिनिधित्व और मजबूत हुआ है।

डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार पिया डंडिया ने फ्लोरिडा से अमेरिकी प्रतिनिधि सभा का चुनाव जीत लिया है। उन्होंने रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार और पूर्व मरीन सैनिक केसी अस्कार को शिकस्त दी। घोषित नतीजों के मुताबिक, पिया को 51.9 प्रतिशत वोट मिले, जबकि अस्कार के खाते में 49.1 प्रतिशत मत आए।

इस जीत के साथ पिया अमेरिकी कांग्रेस में पहुंचने वाली नई भारतीय-अमेरिकी सदस्य बन गई हैं। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका जाकर बस गए थे। राजनीति में आने से पहले पिया हाई स्कूल की प्रिंसिपल रह चुकी हैं। उन्होंने कम आय वाले परिवारों के विद्यार्थियों को बेहतर अवसर देने और उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से एक हाई स्कूल की स्थापना भी की थी।

सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया में दोबारा हासिल की जीत

भारतीय मूल के डेमोक्रेटिक नेता सुहास सुब्रमण्यम ने वर्जीनिया के 10वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से फिर जीत दर्ज की है। 40 वर्षीय सुहास को 61.5 प्रतिशत से अधिक वोट मिले। वहीं, उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी डेव बेकविथ को 36.4 प्रतिशत मतों से संतोष करना पड़ा।

सुहास एक बार फिर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के सदस्य चुने गए हैं। वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा के सलाहकार के तौर पर भी काम कर चुके हैं। उनके माता-पिता भारतीय मूल के हैं। इसके अलावा, उन्होंने हरिकेन कैटरीना से प्रभावित इलाकों के पुनर्निर्माण के लिए स्वयंसेवकों को एकजुट करने में भी अहम भूमिका निभाई थी।

अरुणा मिलर मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर बनी रहेंगी

भारतीय मूल की डेमोक्रेटिक नेता अरुणा मिलर ने भी चुनाव में जीत हासिल की है। वह मैरीलैंड की लेफ्टिनेंट गवर्नर के पद पर दोबारा चुनी गई हैं। उन्होंने गवर्नर वेस मूर के साथ चुनाव लड़ा और रिपब्लिकन उम्मीदवार रॉब क्रोप को हराया। क्रोप, पूर्व राज्य प्रतिनिधि डैन कॉक्स के साथ चुनाव मैदान में थे।

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इस जीत के बाद अरुणा मिलर का मैरीलैंड के कार्यकारी प्रशासन में एक और कार्यकाल तय हो गया है। उनका जन्म भारत के हैदराबाद में हुआ था। चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने अमेरिकी नागरिकों, विशेषकर प्रवासी समुदायों से मतदान करने और ट्रंप-वेंस प्रशासन को जवाबदेह बनाने की अपील की थी। भारतीय मूल के इन तीनों नेताओं की जीत अमेरिकी राजनीति में भारतवंशियों की बढ़ती भागीदारी को रेखांकित करती है।

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