कैंसर मरीजों के लिए बड़ी राहत, 137 दवाओं की कीमतों में 70% तक की भारी कटौती
Cancer Medicine Price Cut: देश के लाखों कैंसर मरीजों और उनके परिवारों के लिए राहत भरी बेहद बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) के ऐतिहासिक फैसले के बाद अब 137 चिन्हित गैर-अनुसूचित (Non-Scheduled) कैंसर रोधी दवाओं की कीमतों में भारी गिरावट आने वाली है। सरकारी आंकड़ों और अनुमानों के मुताबिक, NPPA के इस कदम से इन जीवनरक्षक दवाओं के दाम 70 प्रतिशत तक घट सकते हैं, जिससे कैंसर के इलाज में लगने वाला बड़ा आर्थिक बोझ काफी हद तक कम हो जाएगा।
सुप्रीम कोर्ट में केंद्र का हलफनामा, ट्रेड मार्जिन 30% पर कैप
केंद्र सरकार ने कैंसर की दवाओं पर फार्मा कंपनियों और विक्रेताओं के मनमाने ट्रेड मार्जिन (व्यापारिक मार्जिन) को अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) के 30 फीसदी तक सीमित करने का सख्त फैसला लिया है। सोमवार को देश की शीर्ष अदालत (सुप्रीम कोर्ट) में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ को यह जानकारी दी। केंद्र ने कोर्ट को बताया कि 8 अक्टूबर को हुई NPPA की उच्चस्तरीय बैठक में इस प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई थी। सरकार का आकलन है कि इस फैसले से मरीजों को सालाना करीब 2,500 करोड़ रुपये की सीधी बचत होगी। बाजार की परिस्थितियों और जनस्वास्थ्य की जरूरतों के हिसाब से इस सूची में आगे भी नई दवाएं जोड़ी जाती रहेंगी।
10 गुना तक ज्यादा MRP वसूल रहे थे अस्पताल
सुप्रीम कोर्ट ने इससे पहले हुई सुनवाइयों के दौरान इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की थी कि बाजार में कैंसर की कई दवाओं का MRP, रिटेलर को मिलने वाली दर (PTR) से 10 गुना तक ज्यादा तय किया गया था। केंद्र सरकार ने भी अपने हलफनामे में यह स्वीकार किया कि अस्पतालों द्वारा अत्यधिक ट्रेड मार्जिन देने वाली कंपनियों से ही दवाएं खरीदने और मरीजों को पूरी MRP पर बेचने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। कई मामलों में यह मार्जिन 170 फीसदी से लेकर 700 फीसदी तक पाया गया था। इतना ही नहीं, अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले अन्य कंज्यूमेबल्स (चिकित्सा उपभोग्य उत्पादों) पर भी 100 से 1000 फीसदी तक का मुनाफा वसूला जा रहा था, जिस पर अब नकेल कसी गई है।
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9 नवंबर से पूरे देश में लागू होंगी नई दरें
NPPA के आदेश के अनुसार, ये संशोधित और घटी हुई दरें 9 नवंबर 2026 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगी। इसके बाद सभी निजी व सरकारी अस्पतालों, मेडिकल संस्थानों और दवा विक्रेताओं के लिए दवाओं को नई घटी हुई दरों पर ही बेचना अनिवार्य होगा। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सभी मेडिकल स्टोर्स को अपनी दुकान व परिसरों में संशोधित मूल्य सूची (Revised Price List) प्रदर्शित करने का भी निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी मरीज से अधिक दाम न वसूले जा सकें।
फार्म सही दाम ऐप पर मिलेगी पूरी लिस्ट
कीमतें कम होने से दवाओं की कमी न हो, इसके लिए केंद्र सरकार ने सभी फार्मास्यूटिकल कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे अपना मौजूदा उत्पादन और सप्लाई चेन का स्तर पूरी तरह बनाए रखें। मरीजों और उनके परिजनों की सुविधा के लिए नई घटी हुई कीमतों की पूरी सूची NPPA की आधिकारिक वेबसाइट के साथ-साथ ‘फार्मा सही दाम’ (Pharma Sahi Daam) मोबाइल ऐप पर भी उपलब्ध कराई जाएगी।
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