Basti News: चौपाल में भ्रष्टाचार उजागर करने पर सीडीओ के सामने प्रधान पक्ष ने अधिवक्ता पर बोला हमला

Basti Gram Chaupal Scuffle

Basti News: उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में बनकटी विकास खंड के खोरिया ग्राम पंचायत में शासन के निर्देश पर आयोजित विशेष रात्रि ग्राम चौपाल में शनिवार रात भारी हंगामा और मारपीट की घटना सामने आई है। मुख्य विकास अधिकारी (CDO) सार्थक अग्रवाल और तमाम जिला स्तरीय अधिकारियों की मौजूदगी में गाँव के ही एक अधिवक्ता ने जब विकास कार्यों में कथित घोटाले का मुद्दा उठाया, तो ग्राम प्रधान पक्ष के लोगों ने उन पर हमला कर दिया। इस दौरान मंच पर लगे माइक को छीनने और धक्का-मुक्की करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।

घोटाले के आंकड़े बताते ही मंच पर फूटा गुस्सा

चर्चा के अनुसार, खोरिया गाँव के निवासी और अधिवक्ता दुर्गा प्रसाद उपाध्याय ने चौपाल के दौरान मंच से माइक संभाला था। उन्होंने गाँव में हुए शौचालय निर्माण, इंटरलॉकिंग सड़कों और अन्य विकास योजनाओं में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। जैसे ही वकील ने तथ्यों और आंकड़ों के साथ कथित भ्रष्टाचार की परतें खोलनी शुरू कीं, वैसे ही आरोपों से बौखलाए ग्राम प्रधान और उनके समर्थकों ने बीच चौपाल में ही उन पर हमला बोल दिया।

अचानक हुई इस अभद्रता से मौके पर अफरा-तफरी मच गई, जिसके बाद अन्य ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर स्थिति को और गंभीर होने से संभाला। हंगामे को बढ़ता देख सीडीओ और उनकी टीम को कार्यक्रम बीच में ही समाप्त कर वापस लौटना पड़ा।

रविवार सुबह से ही इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से प्रसारित हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी आक्रोश है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि जब एक शीर्ष आईएएस (IAS) अधिकारी की मौजूदगी में ही शिकायतकर्ता सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता अपनी समस्याएं लेकर अधिकारियों के सामने कैसे जाएगी।

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ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त करने और विदेश में लाखों की नौकरी छोड़कर देश सेवा के लिए यूपीएससी (UPSC) क्रैक करने वाले युवा आईएएस अधिकारी सार्थक अग्रवाल के सामने जमीनी हकीकत की यह एक बड़ी चुनौती है। ग्रामीणों का कहना है कि एक तरफ सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ धरातल पर सच बोलने वालों की आवाज दबाई जा रही है।

प्रशासन ने शुरू की आंतरिक जांच

इस संवेदनशील मामले में फिलहाल जिला प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान या प्रेस नोट जारी नहीं किया गया है। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि वीडियो के आधार पर मामले की आंतरिक जांच शुरू कर दी गई है। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्तर पर होने वाले विकास कार्यों की पारदर्शिता और आम जनता की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

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