राष्ट्रपति ने धर्मेंद्र और एन राजम को मरणोपरांत पद्म विभूषण से किया सम्मानित, हेमा मालिनी ने ग्रहण किया पुरस्कार
Padma Vibhushan 2026: राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में सोमवार को आयोजित एक भव्य नागरिक अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र और शास्त्रीय संगीत जगत के महान वायलिन वादक एन राजम को मरणोपरांत पद्म विभूषण से सम्मानित किया। कला के क्षेत्र में असाधारण एवं विशिष्ट योगदान के लिए धर्मेंद्र को दिया गया यह देश का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान उनकी पत्नी एवं सांसद हेमा मालिनी ने ग्रहण किया। वहीं, भारतीय शास्त्रीय संगीत में अतुलनीय योगदान के लिए एन राजम को भी इस सम्मान से नवाजा गया।
बॉलीवुड के हीरो को मिला देश का सर्वोच्च सम्मान
बॉलीवुड सिनेमा में अपनी अदाकारी और व्यक्तित्व से लाखों दिलों पर राज करने वाले धर्मेंद्र को यह पुरस्कार उनके छह दशकों से भी अधिक लंबे करियर और भारतीय सिनेमा को अद्वितीय योगदान के लिए प्रदान किया गया। ‘शोले’, ‘राजा जानी’, ‘धर्मवीर’, ‘जानी दुश्मन’ और ‘यमला पगला दीवाना’ जैसी सुपरहिट फिल्मों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले धर्मेंद्र ने हिंदी सिनेमा को वह ऊंचाई दी, जिसकी मिसाल आज भी दी जाती है। समारोह में उनकी पत्नी हेमा मालिनी ने यह सम्मान ग्रहण किया, जो भावुक होते हुए नजर आईं।
|| 𝐏𝐚𝐝𝐦𝐚 𝐀𝐰𝐚𝐫𝐝𝐬 𝟐𝟎𝟐𝟔 ||#WATCH | 𝐏𝐚𝐝𝐦𝐚 𝐕𝐢𝐛𝐡𝐮𝐬𝐡𝐚𝐧 awarded to legendary veteran actor late Dharmendra by President Droupadi Murmu
BJP MP Hema Malini receives the honour awarded to her late husband and legendary actor for his contribution to the… pic.twitter.com/C3uy62dIyB
— All India Radio News (@airnewsalerts) May 25, 2026
गायकी अंग के जनक को मरणोपरांत मिली सरकारी मान्यता
भारतीय शास्त्रीय संगीत में वायलिन वादन को नई ऊंचाई देने वाले एन राजम ने ‘गायकी अंग’ शैली के माध्यम से वायलिन प्रस्तुति को एक नया और अनोखा स्वरूप प्रदान किया। उन्होंने पंडित ओंकारनाथ ठाकुर से संगीत की शिक्षा प्राप्त की थी और अपने जीवनकाल में सैकड़ों शास्त्रीय गायकों और वादकों को गढ़ा। संगीत के क्षेत्र में उनके योगदान को अब इस सर्वोच्च सम्मान के साथ सरकारी मान्यता मिल गई है।
पद्म भूषण से सम्मानित ये रहे महान हस्तियां
राष्ट्रपति मुर्मू ने समारोह में कई अन्य विभूतियों को भी पद्म भूषण से सम्मानित किया। इनमें उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, चुनौतियों का सामना कर रही पारंपरिक भारतीय कला ‘अवधान’ को पुनर्जीवित करने वाले शतावधानी आर गणेश, कोटक महिंद्रा बैंक के संस्थापक उदय सुरेश कुमार कोटक और उदर रोग विशेषज्ञ डॉ. कल्लीपट्टी रामासामी पलानीस्वामी शामिल हैं। इसके अलावा, विज्ञापन जगत के जाने-माने विशेषज्ञ पीयूष पांडे और पूर्व सांसद विजय कुमार मल्होत्रा को भी मरणोपरांत पद्म भूषण से सम्मानित किया गया। पांडे की पत्नी और मल्होत्रा के पुत्र ने यह सम्मान ग्रहण किया।
हरमनप्रीत कौर, प्रोसेनजीत और प्रवीण कुमार को मिला पद्मश्री
समारोह में कई गणमान्य हस्तियों को पद्मश्री से भी नवाजा गया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर भुल्लर, बंगाली सिनेमा के मेघावी अभिनेता प्रोसेनजीत चटर्जी, पैरा एथलीट प्रवीण कुमार और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के पूर्व महानिदेशक के. विजय कुमार ने यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्राप्त किया।
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समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ से, प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह रहे मौजूद
राष्ट्रपति भवन के गणतंत्र मंडप में आयोजित इस भव्य समारोह की शुरुआत ‘वंदे मातरम’ के गायन से हुई, जिसके बाद राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ गाया गया। कार्यक्रम में उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई गणमान्य लोग शामिल हुए। सभी पुरस्कार विजेताओं और उनके परिजनों ने इस ऐतिहासिक क्षण में हर्ष और गर्व का अनुभव किया।
वर्ष 2026: 131 पद्म पुरस्कारों की मंजूरी, दो चरणों में होगा वितरण
गौरतलब है कि राष्ट्रपति ने वर्ष 2026 के लिए कुल 131 पद्म पुरस्कार देने की मंजूरी दी है। इनमें 5 पद्म विभूषण, 13 पद्म भूषण और 113 पद्मश्री शामिल हैं। ये पुरस्कार दो अलग-अलग अलंकरण समारोहों में प्रदान किए जाएंगे। उल्लेखनीय है कि पद्म पुरस्कारों की घोषणा प्रत्येक वर्ष गणतंत्र दिवस के अवसर पर की जाती है। ये प्रतिष्ठित नागरिक सम्मान कला, सामाजिक कार्य, सार्वजनिक मामले, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग, व्यापार एवं उद्योग, चिकित्सा, साहित्य एवं शिक्षा, खेल और सिविल सेवा सहित विभिन्न क्षेत्रों में असाधारण योगदान के लिए प्रदान किए जाते हैं।
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