निदा खान को पनाह देना AIMIM पार्षद को पड़ा भारी, अब अवैध संपत्तियों पर चलेगा बुलडोजर
Newschuski Digital Desk: आईटी दिग्गज टीसीएस (TCS) की नासिक इकाई में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण मामले की मुख्य आरोपी निदा खान की गिरफ्तारी के बाद अब पनाह देने वालों पर शिकंजा कस गया है। छत्रपति संभाजीनगर के AIMIM पार्षद मतीन पटेल, जिन्होंने फरार निदा को अपने नारेगांव स्थित फ्लैट में छिपाया था, अब खुद पुलिस और प्रशासन के निशाने पर हैं। पुलिस ने मतीन पटेल को इस साजिश का हिस्सा मानते हुए आरोपी बनाया है, वहीं नगर निगम ने उनकी अवैध संपत्तियों को जमींदोज करने का नोटिस जारी कर दिया है।
तीन दिन में ढह सकता है आशियाना
प्रशासनिक जांच में खुलासा हुआ है कि जिस कौसर पार्क स्थित नए फ्लैट में निदा खान पिछले पांच दिनों से छिपी थी, वह अवैध अतिक्रमण कर बनाया गया है। नगर निगम ने पार्षद के इस घर, नारेगांव स्थित उनके कार्यालय और एक अन्य रिहायशी मकान पर नोटिस चस्पा कर दिया है। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो इन संपत्तियों पर बुलडोजर चला दिया जाएगा। पुलिस की पूछताछ में यह भी सामने आया कि मतीन पटेल ने गिरफ्तारी से बचाने के लिए निदा और उसके परिवार को पूरी सुरक्षा मुहैया कराई थी।
अदालत ने निदा को 11 मई तक पुलिस हिरासत में भेजा
नासिक रोड कोर्ट ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए निदा खान को 11 मई तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। इससे पहले कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि यह मामला संगठित रूप से ब्रेनवॉश करने की सुनियोजित कोशिश का हिस्सा लगता है। निदा ने अपनी गर्भावस्था का हवाला देकर सुरक्षा मांगी थी, लेकिन कोर्ट ने अपराध के बहुआयामी स्वरूप को देखते हुए राहत देने से इनकार कर दिया।
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क्या है टीसीएस धर्मांतरण और उत्पीड़न मामला
टीसीएस की नासिक यूनिट में महिला कर्मचारियों के यौन शोषण, जबरन धर्म परिवर्तन की कोशिश और मानसिक उत्पीड़न के आरोपों के बाद हड़कंप मच गया था। इस मामले में अब तक 9 एफआईआर (FIR) दर्ज की जा चुकी हैं और एक महिला ऑपरेशन्स मैनेजर सहित 8 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं। मामले की तह तक जाने के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया है, जबकि कंपनी ने आरोपी कर्मचारियों को निलंबित कर सख्त रुख अपनाया है।
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