जल जीवन मिशन का एक और भ्रष्टाचार उजागर, हवा में उड़ी पानी की टंकी
Siddharthnagar News: भाजपा सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट जल जीवन मिशन फर्जी आंकड़ों के बदौलत जहां कई अॅवार्ड हथिया चुका हैं, वहीं विभाग में जारी भ्रष्टाचार जनता के लिए जानलेवा साबित हो रहा है। अधूरे पाइप लाइन से एक तरफ ग्रामीण परिवारों को शुद्ध जल पहुंचाने का दावा किया जा रहा है, तो वहीं पानी की टंकी का ढहना और उसमें से रिसाव की बात योगी सरकार के मंसूबे पर पानी फेर रहा है। ताजा मामला उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले से सामने आया है। यहाँ इटवा नगर पंचायत के करहिया पुल के पास बनी पानी की टंकी मामूली आंधी-बारिश में ही जवाब दे गई।
ढांचा इतना कमजोर है कि टंकी हवा में लटकने लगी है, जिसकी भयावह तस्वीरें सामने आई हैं। स्थानीय लोग इसे मौत की टंकी नाम देकर दहशत में जी रहे हैं और किसी भी वक्त बड़े हादसे की आशंका जता रहे हैं। फिलहाल सिद्धार्थनगर जिलाधिकारी आंख में धूल झोंकते हुए पानी की टंकी को निर्माणाधीन बताकर भ्रष्टाचार की बात से इनकार कर रहे हैं।
लोगों ने कहा, प्रशासन सिर्फ देख रहा है
जल जीवन मिशन के तहत बनी इस टंकी का निर्माण भ्रष्टाचार की बुनियाद पर खड़ा बताया जा रहा है। मामूली मौसमी बदलाव ने इसकी पोल खोल दी, टंकी अपने आधार से उखड़कर हवा में झूलने लगी। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन को सूचना दे दी गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोग डर में हैं कि कभी भी यह टंकी गिरकर जानमाल का नुकसान कर सकती है।
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महोबा के बाद अब सिद्धार्थनगर
स्थानीय लोगों ने मांग उठाई है कि क्षतिग्रस्त टंकी को तुरंत हटाया जाए, मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि यूपी में जल जीवन मिशन में यह पहली बार नहीं है जब गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। इससे पहले महोबा में भी उद्घाटन के तुरंत बाद टंकी में दरारें पड़ गई थीं और पानी बहने लगा था। सिद्धार्थनगर का मामला उसी निर्माण गुणवत्ता की कहानी दोहराता है।
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