Akshaya Tritiya 2026: बजट कम है तो न हों उदास, इन उपायों से पाएं मां लक्ष्मी की कृपा
Akshaya Tritiya 2026: हिंदू धर्म में अक्षय तृतीया का दिन अपने आप में एक सिद्ध मुहूर्त है। माना जाता है कि इस दिन किया गया कोई भी शुभ कार्य या निवेश कभी खत्म नहीं होता, यानी वह अक्षय रहता है। आमतौर पर लोग इस दिन सोना-चांदी खरीदने के लिए बाजारों में उमड़ते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रों में एक ऐसा गुप्त उपाय बताया गया है जो सोने की खरीदारी से भी कहीं ज्यादा फलदायी है?
अगर इस साल बजट की वजह से आप खरीदारी नहीं कर पा रहे हैं, तो मन छोटा न करें। आइए जानते हैं उस महाउपाय के बारे में जिसमें खर्च शून्य है, लेकिन फल अनंत।
सोने-चांदी से भी कीमती है मानसिक जाप
शास्त्रों में मानसिक जाप को सबसे बड़ी साधना माना गया है। इसके लिए आपको बाजार से कोई महंगी सामग्री लाने की जरूरत नहीं है। मानसिक जाप का अर्थ है—होंठ और जीभ हिलाए बिना, शांत मन से अपने इष्ट देव का स्मरण करना। यह विधि बाहरी दिखावे को छोड़कर सीधे आपकी आत्मा को परमात्मा से जोड़ती है।
इन मंत्रों के जाप से चमकेगी किस्मत
1. सुख-समृद्धि के लिए (मां लक्ष्मी मंत्र)
अगर आप घर में वैभव और शांति चाहते हैं, तो इस महामंत्र का ध्यान करें।
ॐश्रींह्रींश्रींकमलेकमलालयेप्रसीदप्रसीदश्रींह्रींश्रींॐमहालक्ष्म्यैनमः॥
2. धन संचय के लिए (कुबेर मंत्र)
रुका हुआ पैसा वापस पाने और आय बढ़ाने के लिए देवताओं के कोषाध्यक्ष कुबेर देव का स्मरण करें:
ॐयक्षायकुबेरायवैश्रवणायधनधान्याधिपतयेधनधान्यसमृद्धिंमेदेहिदापयस्वाहा॥
3. अच्छे स्वास्थ्य के लिए (धन्वंतरि मंत्र)
बीमारियों से मुक्ति और निरोगी काया के लिए भगवान धन्वंतरि का यह छोटा मंत्र बहुत प्रभावशाली है।
ॐधन्वन्तरयेनमः॥
कैसे करें मानसिक साधना
जगह: घर का मंदिर या कोई भी शांत कोना चुनें।
मुद्रा: सुखासन में बैठें और आँखें बंद कर लें।
ध्यान: मन ही मन अपने आराध्य की छवि को महसूस करें।
मौन जाप: बिना आवाज़ किए, मन की गहराई में मंत्र का उच्चारण करें। कम से कम 10-15 मिनट इस अवस्था में रहें।
प्रेमानंद महाराज की सीख: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज भी कहते हैं कि मानसिक जाप से एकाग्रता बढ़ती है और यह बुद्धि को प्रखर बनाता है। यह बिना किसी आडंबर के प्रभु को पाने का सबसे सरल मार्ग है।
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अक्षय तृतीया 2026: तिथि और शुभ समय
इस साल तिथि को लेकर उलझन में न रहें, सटीक समय यहाँ देखें
तृतीया तिथि शुरू: 19 अप्रैल 2026, सुबह 10:49 बजे से।
तृतीया तिथि समाप्त: 20 अप्रैल 2026, सुबह 07:27 बजे तक।
मुख्य पर्व: उदयातिथि के अनुसार, अक्षय तृतीया 19 अप्रैल 2026 (रविवार) को मनाई जाएगी।
बिना खरीदारी के भी मिलेगा पुण्य
अगर आप कुछ खरीद नहीं पा रहे हैं, तो ये छोटे काम करें।
परोपकार: किसी प्यासे को पानी पिलाना या पक्षियों को दाना डालना भी सोने के दान जैसा फल देता है।
मौन और शांति: घर में क्लेश न करें, शांत और खुश रहकर मां लक्ष्मी का स्वागत करें।
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