ईरान सम्मान के साथ बातचीत के लिए तैयार, खामेनेई के प्रतिनिधि ने कहा- हम समझौते के खिलाफ नहीं
Newschuski Digital Desk: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच तेहरान की ओर से एक अहम बयान सामने आया है। ईरान के सर्वोच्च नेता आयतोल्ला सैय्यद अली खामेनेई के प्रतिनिधि बताए जा रहे डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने संकेत दिए हैं कि ईरान कूटनीतिक समाधान के लिए तैयार है, लेकिन शर्त यह है कि बातचीत सम्मान के साथ हो।
एक इंटरव्यू में डॉ. इलाही ने साफ किया, ईरान बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इज्जत के साथ समझौता होना चाहिए। हम किसी भी तरह के दबाव या एकतरफा शर्तों को स्वीकार नहीं करेंगे। किसी भी वार्ता की बुनियाद आपसी सम्मान, समानता और संप्रभुता के सिद्धांतों पर होनी चाहिए।
Amid the ongoing conflict between US-Israel and Iran, Dr Abdul Majid Hakeem Ilahi, representative of the late Supreme Leader of the Islamic Republic of Iran, Ayatollah Seyyed Ali Khamenei, in an interview to ANI, says, "Iran is ready for negotiations but with dignity"
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— ANI (@ANI) March 3, 2026
यह बयान ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। खबरों के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर समेत 40 टॉप कमांडरों की मौत हो चुकी है। तेहरान की ओर से भी जवाबी कार्रवाई जारी है। इजराइल डिफेंस फोर्सेज (आईडीएफ) ने साफ कर दिया है कि हमले जारी रहेंगे।
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क्यों बातचीत की ओर झुक रहा है ईरान
विशेषज्ञों का मानना है कि कई वजहों से ईरान अब युद्ध से होने वाले भारी नुकसान से बचना चाहता है।
एक साथ चौतरफा हमले झेलना ईरान के लिए आसान नहीं है। खामेनेई और टॉप लीडरशिप की मौत के बाद देश में हालात अस्थिर हैं।
लंबे समय से आर्थिक प्रतिबंध झेल रहे ईरान की अर्थव्यवस्था पहले ही बुरी तरह प्रभावित है। लंबी जंग नुकसान को असहनीय बना सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पहले ही तेहरान से बातचीत करने की इच्छा जताई है।
क्या मिडिल ईस्ट में जल्द खत्म होगा तनाव
अंतरराष्ट्रीय समुदाय अब इस बात पर नजर रखे हुए है कि क्या आने वाले दिनों में बैक-चैनल कूटनीति या औपचारिक वार्ता की दिशा में कोई ठोस पहल होती है। फिलहाल ईरान ने सम्मान के साथ बातचीत की बात कहकर समझौते के संकेत जरूर दे दिए हैं। अगर सभी पक्षों की सहमति बनती है, तो मिडिल ईस्ट में हालात सामान्य हो सकते हैं।
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