धोखाधड़ी कर बेटे को एमडी कराने में फंसे एम्स गोरखपुर के पूर्व डायरेक्टर, कोर्ट के आदेश पर FIR दर्ज
Gorakhpur News: एम्स संस्थानों से जुड़ा एक बड़ा विवाद सामने आया है। एम्स गोरखपुर और एम्स पटना के पूर्व कार्यवाहक निदेशक डॉ. गोपाल कृष्ण उर्फ जी.के. पाल के खिलाफ उनके ही बेटे को एमडी सीट पर गलत तरीके से दाखिला दिलाने के आरोप में धोखाधड़ी की एफआईआर दर्ज की गई है। यह शायद पहला मौका है जब किसी एम्स के पूर्व कार्यकारी निदेशक के खिलाफ इस तरह की आपराधिक कार्रवाई हुई है।
कोर्ट के आदेश पर एफआईआर: मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर एम्स थाना पुलिस ने यह एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, कोर्ट ने 7 नवंबर को एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया था, जिस पर अब अमल किया गया है। आरोप है कि डॉ. जी.के. पाल ने अपने कार्यकाल के दौरान अपने बेटे डॉ. ओरो प्रकाश पाल को एम्स में एमडी की सीट दिलाने के लिए ओबीसी नॉन-क्रीमी लेयर का जाली प्रमाणपत्र इस्तेमाल किया। जबकि पता चला है कि डॉ. पाल और उनकी पत्नी की सालाना आय 80 लाख रुपये से ज्यादा है, जो नॉन-क्रीमी लेयर की श्रेणी में आने के लायक बिल्कुल नहीं है।
शिकायत किसने की
यह मामला एक प्रोफेसर आशुतोष कुमार मिश्रा की शिकायत के बाद उजागर हुआ। शिकायत में कहा गया कि डॉ. पाल ने जनवरी से सितंबर 2024 तक एम्स गोरखपुर के डायरेक्टर के तौर पर काम करते हुए, 30 अगस्त 2024 को अपने बेटे का एमडी में दाखिला कराया।
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अब तक क्या हुआ
शिकायत के बाद मामला स्वास्थ्य मंत्रालय तक पहुंचा।
इसके चलते डॉ. पाल को पहले एम्स गोरखपुर और फिर एम्स पटना के डायरेक्टर पद से हटा दिया गया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिलहाल उनकी तैनाती जिपमेर, पांडिचेरी में है।
एम्स थाना प्रभारी ने बताया कि एफआईआर दर्ज होने के बाद अब मामले की गहन जांच शुरू की जाएगी और जांच के नतीजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस दोनों पिता-पुत्र से पूछताछ करेगी।
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