विद्या भारती पूर्वी उत्तर ने अपने मेगा प्रोजेक्ट्स के लिए आर्थर डी लिटिल के साथ किया अनुबन्ध

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Vidya Bharti

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आनुषांगिक संगठन एवं विश्व के सबसे बड़े गैर सरकारी संगठन विद्या भारती अखिल भारतीय शिक्षण संस्थान की शिक्षा के क्षेत्र में अहम भूमिका है। आने वाले वर्षों में विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश द्वारा 11 बड़े प्रोजेक्ट्स की कार्ययोजना तैयार की गयी हैं, जिन्हें विश्वस्तरीय इन्फ्रास्ट्रक्चर, उच्च तकनीकी तथा गुणवत्ता के साथ आकार देने के लिए दुनिया की सबसे पुरानी प्रबन्धन और परामर्शदाता कम्पनी आर्थर डी लिटिल के साथ आज दिनांक 28 जनवरी, 2021 को मेमोरेन्डम ऑफ अंडरस्टैंडिंग पर हस्ताक्षर किए। विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश की ओर से प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा और आर्थर डी लिटिल की ओर से मैनेजिंग पार्टनर एवं सीईओ, भारत एवं साउथ एशिया श्री बारनिक चित्रण मैत्रा जी ने हस्ताक्षर किये।

इस अवसर पर श्री बारनिक चित्रण मैत्रा ने अपने संबोधन में कहा, ‘‘यद्यपि एमओयू आज हस्ताक्षरित हो रहा है, परन्तु आर्थर डी लिटिल ने इन परियोजनाओं के मूल उद्देश्यों के अनुरूप क्रियान्वयन के लिए कार्य करना शुरू कर दिया है। अमेरिका में कई निवेशकों एवं विशेषज्ञों से भी बात की गयी है। शीघ्र ही इन परियोजनाओं के लिए विशेषज्ञों को अनुबन्धित किया जाएगा। एडीएल का मुख्य उद्देश्य इन सभी परियोजनाओं को विश्वस्तरीय मान्यता प्रदान करना है। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य सचिव तथा सीनियर बोर्ड एडवाइजर आलोक रंजन ने कहा कि स्पोर्ट्स अकादमी (रूमा, कानपुर), संस्कृति विश्वविद्यालय (अयोध्या) तथा कृषि विश्वविद्यालय (रायबरेली) एवं अन्य सभी परियोजनाओं को उस स्तर का बनाया जाएगा, जैसे किसी समय में तक्षशिला विश्वविद्यालय का महत्व होता था। जिस प्रकार उसे वैश्विक स्तर पर मान्यता मिली थी, ठीक उसी तरह भारतीय मूल्यों की आधारशिला पर इन परियोजनाओं को विश्वस्तरीय बनाया जाएगा।

पूर्व आईएएस एवं सीनियर बोर्ड एडवाइजर एस.पी. सिंह ने अपने संबोधन में भारतीय सभ्यता एवं संस्कृति को रेखांकित किया और इसी आधार पर परियोजनाओं को दिशा देने की बात कही। आर्थर डी लिटिल के डायरेक्टर ब्रजेश सिंह ने कहा कि यह भावना, आस्था और विश्वास से जुड़ी हुई परियोजनाएं हैं, जिसमें सब भावनात्मक रूप से भी जुड़ेंगे। इस अनुबन्ध के तहत विद्या भारती की 11 परियोजनाओं के लिए आर्थर डी लिटिल को प्रिंसिपल कन्सल्टेन्ट के रूप में नियुक्त किया गया, जिसमें विद्या भारती इंटरनेशल स्पोर्ट्स अकादमी (रूमा, कानपुर), विद्या भारती संस्कृति केंद्र (निरालानगर, लखनऊ), विद्या भारती सीनियर सेकेण्डरी स्कूल (काशी), विद्या भारती सीनियर सेकेण्डरी स्कूल (गोला), विद्या भारती सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, आवासीय (लखनऊ), विद्या भारती सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, आवासीय (कानपुर), विद्या भारती सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, आवासीय (प्रयागराज), विद्या भारती सीनियर सेकेण्डरी स्कूल, आवासीय (गोरखपुर), विद्या भारती कल्चरल यूनिवर्सिटी (अयोध्या), विद्या भारती मिलिट्री यूनिवर्सिटी (रायबरेली) तथा विद्या भारती एग्रीकल्चरल यूनिविर्सटी (रायबरेली) की स्थापना होनी है।

सीनियर बोर्ड एडवाइजर एवं स्टेट प्रमुख मुकेश सिंह ने सर्वप्रथम सभी उपस्थित महानुभावों का परिचय कराया और कार्यक्रम का शुभारम्भ करते हुए कहा विद्या भारती के साथ एमओयू हस्ताक्षरित कर हम सभी गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। विद्या भारती की मूल भावना को ध्यान में रखते हुए सभी परियोजनाओं को हम निर्धारित समय सीमा में पूरा करेंगे। इस अवसर पर विद्या भारती की ओर से यतीन्द्र, हेमचंद्र, उमाशंकर मिश्रा, भास्कर दुबे, अभय सिंह, सत्यानंद पांडेय और आर्थर डी लिटिल की ओर से बारनिक चित्रण मैत्रा, आलोक रंजन, एसपी सिंह, बृजेश सिंह, प्रो. अरविन्द मोहन, मुकेश सिंह, राजीव ढोलकिया, अनुराधा गोयल, यश न्याति, राधिका शाह, अथर्व सुरंगी आदि उपस्थित थे।

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