हल्दी दूध जिसे गोल्डन दूध भी कहा जाता है। यह अनेक बीमारियों के साथ-साथ सामान्य स्वास्थ्य के उचार के लिए भारत में इस्तेमाल किया जाता है। हल्दी को आयुर्वेदिक दवा में ‘प्राकृतिक एस्पिरिन’ भी कहा जाता है। यह दूध हमारी हड्डियों को भी मजबूत करता है। दूध के साथ हल्दी मिलकर, यह एक शक्तिशाली मिश्रण बनाता है जिससे कई स्वास्थ्य और सौंदर्य फायदे होते हैं। हल्दी दूध सूजन को कम करने वाले और एंटी-ऑक्सीडेंट दोनों गुण होते हैं जिसके कारण इसे कई स्वास्थ्य लाभ भी होते हैं। लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं, जिन्हें हल्दी-दूध का सेवन नहीं करना चाहिए। कुछ विशेष परिस्थितियों में हल्दी शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। अनेक शोध में यह बात मालूम चली है कि हल्दी का ज्यादा इस्तेमाल करने से त्वचा में रूखापन आता है और इससे त्वचा में खुजली भी उत्पन्न हो सकती है। आइए विस्तार से जानते हैं हल्दी के दूध के फायदे और नुकसान के बारे में-
हल्दी के दूध के फायदे
1- अगर कभी शरीर के बाहरी या अंदरूनी हिस्से में चोट लग जाए, तो हल्दी वाला दूध उसे जल्द से जल्द ठीक करने में बहुत लाभदायक है। यह अपने एंटी बैक्टीरियल और एंटीसेप्टिक गुणों की वजह से बैक्टीरिया को पनपने नहीं देता।
2- हल्दी वाला दूध शरीर के दर्द में बेहद आराम देता है। हाथ पैर व शरीर के अन्य भागों में दर्द की शिकायत होने पर रात को सोने से पहले हल्दी वाले दूध का सेवन करने से दर्द में आराम मिल जाता है।
3- दूध के साथ हल्दी का सेवन, एंटीसेप्टिक व एंटी बैक्टीरियल होने के कारण त्वचा की समस्याओं जैसे – इंफेक्शन, खुजली, मुंहासे आदि के बैक्टीरिया को धीरे-धीरे खत्म कर देता है। इससे आपकी त्वचा साफ और स्वस्थ और चमकदार नजर आती है।
4- सर्दी, जुकाम या कफ होने पर हल्दी वाले दूध का सेवन बहुत लाभकारी होता है। इससे सर्दी, जुकाम तो ठीक होता ही है, साथ ही गर्म दूध के सेवन से फेफड़ों में जमा हुआ कफ भी बाहर निकल जाता है। सर्दी के मौसम में इसका सेवन से आपको स्वस्थ रहते हैं।
5- दूध में कैल्श‍ियम होने की वजह से यह हड्डियों को मजबूत बनाता है और हल्दी के गुणों के कारण रोगप्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि होती है। इससे हड्डी संबंधि‍त अन्य समस्याओं से छुटकारा मिलता है।
6- अगर आपको किसी भी कारण से नींद नहीं आ रही है, तो आपके लिए सबसे अच्छा घरेलू नुस्खा है, हल्दी वाला दूध। बस रात को भोजन के बाद सोने के आधे घंटे पहले हल्दी वाला दूध पीएं, और देखि‍ए कमाल।
7- हल्दी वाले दूध का सेवन पेट के अल्सर, डायरिया, अपच, कोलाइटिस एवं बवासीर जैसी समस्याओं में भी हल्दी वाला दूध फायदेमंद है।
8- हल्दी वाले दूध का सेवन करने से, गठिया- बाय, जकड़न दूर हो जाती है, साथ ही जोड़ों मांसपेशियों को लचीला बनाता है।
9- खून में शर्करा की मात्रा ज्यादा हो जाने पर हल्दी वाले दूध का सेवन ब्लड शुगर को कम करने में मदद करता है।लेकिन अत्यधि‍क सेवन शुगर को अत्यधि‍क कम कर सकता है, इस बात का ध्यान रखें।
10- हल्दी वाले दूध में मौजूद एंटी माइक्रो बैक्टीरियल गुण, दमा, ब्रोंकाइटिस, साइनस, फेफड़ों में जकड़न व कफ से राहत देने में सहायता करते हैं। गर्म दूध के सेवन से शरीर में गर्मी का संचार होता है जिससे सांस की समस्या में काफी आराम मिलता है।
11- मौसम में आए बदलाव और अन्य वजहों से होने वाले वायरल संक्रमण में हल्दी वाला दूध सबसे बेहतर उपाय है, जो आपको संक्रमण से बचाता है।

एक तरफ जहां हल्दी स्वास्थ्य के लिए बहुत लाभकारी है तो वहीं इसके कुछ साइड-इफेक्ट भी हैं। लेकिन आपको बता दें कि हल्दी तभी नुकसान करती है जब वो बहुत ज्यादा मात्रा में ली जाए। हल्दी के फायदे जानने के साथ ही आपको इसके नुकसान के बारे में मालूम होना आवश्यक है:

पित्ताशय में समस्या
यदि आपको पित्ताशय से जुड़ी कोई परेशानी है तो हल्दी वाला दूध आपकी इस समस्या को और बढ़ा सकता है। यदि आपकी पित्त की थैली में स्टोन है तो आपको हल्दी वाला दूध भूलकर भी नहीं पीना चाहिए।

ब्लीडिंग की समस्या
यदिआपको ब्लीडिंग की समस्या है तो हल्दी वाला दूध आपको नुकसान पहुंचा सकता है। ये ब्लड क्लॉटिंग की प्रक्रिया को कम कर देता है जिसके कारण ब्लीडिंग की समस्या और ज्यादा बढ़ सकती है।

मधुमेह की स्थिति में
हल्दी में करक्यूमिन नाम का एक रासायनिक पदार्थ पाया जाता है। जो ब्लड शुगर को प्रभावित करता है। ऐसे में यदि आपको मधुमेह है तो हल्दी वाला दूध पीने से बचना चाहिए।

नपुंसकता का कारण
हल्दी, टेस्टोस्टेरॉन के स्तर को कम कर देती हैं। इससे स्पर्म की सक्रियता में कमी हो सकती है। यदि आप अपनी फैमिली प्लान कर रहे हैं तो प्रयास कीजिए कि हल्दी का सेवन संयमित रूप से ही करें।

आयरन का अवशोषण

हल्दी का ज्यादा सेवन करने से आयरन का अवशोषण बढ़ जाता है। जिन लोगों में पहले से ही आयरन की कमी है उन्हें कम ही हल्दी का सेवन करना चाहिए।
सर्जरी के दौरान
हल्दी खून का थक्का नहीं जमने देता है जिसके कारण खून का स्त्राव बढ़ जाता है। यदि आपकी सर्जरी हुई है या फिर होने वाली है तो हल्दी के सेवन से बचें।

गर्भाशय को करता है संकुचित
अनेक गर्भवती महिलाओं द्वारा हल्दी का दूध यह सोचकर पिया जाता है कि इससे गोरा बच्चा पैदा होगा। हालांकि इसके विपरीत हल्दी वाला दूध गर्भाशय को संकुचित करता है और कई बार यह पेट मे ऐंठन का कारण भी बन सकता है।
एलर्जी
कुछ लोगों को मसालों से एलर्जी होती है। ऐसे में उन्हें हल्दी का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। हल्दी वाला दूध एलर्जी को और भी बढ़ा सकता है।

हल्दी दूध बनाने का तरीका
1 चम्मच हल्दी पाउडर
दूध का 1 गिलास
शहद
विधि- एक पैन में एक इंच हल्दी के टुकड़े को डालें।अब इसमें दूध को मिलाएं और करीब 10 से 15 मिनट तक उबालें। अगर आप चाहें तो आप इसमें शहद की आधी चम्मच भी मिला सकते हैं। अब इसे छान लें और एक गिलास में डाल लें। इस पेय को गरमा-गर्म ही पिएं।

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