Poem: प्रकृति भी रंग पसारे है
प्रकृति भी रंग पसारे है, नववर्ष तुम्हारा आलिंगन! फसलें भी स्वर्ण सरीखी सी, आतुर हैं आने को आंगन। जो बीत गईं वो यादें हैं, आएंगी वो है नव जीवन! बीतीं…
प्रकृति भी रंग पसारे है, नववर्ष तुम्हारा आलिंगन! फसलें भी स्वर्ण सरीखी सी, आतुर हैं आने को आंगन। जो बीत गईं वो यादें हैं, आएंगी वो है नव जीवन! बीतीं…
हम भारत के रहने वाले हैं, भारत की बात बताते हैं। इसकी मिट्टी से प्रेम मुझे, ये जगती को समझाते हैं।। सह जीवन में विश्वास मेरा, प्रकृति से साथ निभाते…
आतंक का कोई मज़हब नहीं जो रोज़ हमें समझाते हैं। हिंदू हिंसक होते है ये संसद में चिल्लाते हैं। कमर में बाँधके बम फटने क्या हिंदू कोई जाता है। सर…
जाग रहा भारत फ़िर से हम जागें, कर पायें सद कर्म प्रभु से यह मांगें। पावन अतीत की थाती का गौरव ले, स्वर्णिम भवितव्य रचायें भ्रम भागें।। गति में मन…
बाल सुनहरे भारत के निर्माता और निदेशक हैं। वे जो भी स्वप्न संजोएंगे भावी के बड़े निवेशक हैं।। उनके हृदयों में हो भारत भारत की घनीभूत पूंजी। ऋषियों का उच्चासन…
एकत्र हों साथ मिलकर गांव को सार्थक करें। हम बड़ा परिवार हैं सब प्रेरणा का स्वर भरें।। है दशहरा पूजन हमारा दस करें संकल्प हम सब। जो असम्भव हो सभी…
तो सुदृढ़ करो ताना बाना। हो पड़ोसी हितकर अपना बजता वहीं आनन्द तराना।। भारत इस सुविधा से वंचित अतः नीति य़ह नहीं चलेगी। सोचो और विचारो मिलकर है बनी सोच…
बोल जम्बूरे हल्ला बोल, बोल जम्बूरे हल्ला बोल। पगड़ी जिसकी चाहे खोल, बोल जम्बूरे हल्ला बोल। सेज बिछाकर लोकहितों की, लोकतन्त्र का चीर-हरण कर, कातिल, गुंडे, चोर, लुटेरे, गले लगाकर…
हर कदम ऊर्जा भरा हो हर कदम में दिशा दृष्टि। संकल्प से सिद्धि पाना होगी सनातन पूर्ण सृष्टि।। विविध विधि के कार्य हों परिणाम हों सबके मनोहर। बहु प्रेरणा जागृत…
छोटा काम बड़ा परिणाम देगा बदल धारणा आम। करके देखो सहज भाव से सब कोई लेगा तेरा नाम।। दिन में मिले परस्पर कोई तुम उसे ध्यान से सुनना। उसकी बातों…