सतत विकास लक्ष्यों के सूचकांक में केरल शीर्ष पर, उत्तर प्रदेश में पांच अंकों का सुधार

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नयी दिल्ली। नीति आयोग के एसडीजी भारत सूचकांक 2020-21 में केरल ने अपनी शीर्ष स्थान बरकरार रखा है, जबकि बिहार का प्रदर्शन सबसे बुरा रहा। सतत विकास लक्ष्यों के लिए सूचकांक (एसडीजी) सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय मापदंडों पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की प्रगति का मूल्यांकन करता है। एक रिपोर्ट के अनुसार केरल ने 75 अंक के साथ शीर्ष राज्य के रूप में अपना स्थान बरकरार रखा, जबकि 74 अंक के साथ हिमाचल प्रदेश और तमिलनाडु को दूसरा स्थान मिला।

इस सूचकांक में उत्तर प्रदेश ने पिछले वर्ष (2019 में 55 अंक) के मुकाबले 2020—21 कि रैकिंग में 5 अंकों का सुधार किया। उत्तर प्रदेश को अन्तिम पांच में 60 अंकों के साथ स्थान मिला है। अन्तिम पांच में उत्तर प्रदेश के साथ राजस्थान 60 अंक, असम 57 अंक, झारखण्ड 56 और अंत में बिहार 52 अंकों के साथ काबिज है।

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नीति आयोग उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने गुरुवार को भारत एसडीजी सूचकांक का तीसरा संस्करण जारी किया। केंद्र शासित प्रदेशों में 79 अंक के साथ चंड़ीगढ़ को शीर्ष स्थान मिला, जिसके बाद 68 अंक के साथ दिल्ली का स्थान रहा। वर्ष 2020-21 में सबसे अधिक बढ़त मिजोरम, हरियाणा और उत्तराखंड ने दर्ज की। उत्तराखंड, गुजरात, महाराष्ट्र, मिजोरम, पंजाब, हरियाणा, त्रिपुरा, दिल्ली, लक्षद्वीप, अंडमान तथा निकोबार द्वीप समूह, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख 65 से अधिक अंक के साथ अग्रणी श्रेणी में रहे। भारत का कुल एसडीजी सूचकांक 2020-21 में छह अंकों के सुधार के साथ 60 से बढ़कर 66 अंक हो गया।

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कुमार ने कहा, ‘‘एसडीजी भारत सूचकांक के जरिए एसडीजी की निगरानी के हमारे प्रयास को दुनिया भर में व्यापक रूप से सराहा गया है। एसडीजी पर एक समग्र सूचकांक की गणना करके हमारे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को श्रेणीबद्ध करने के लिए यह एक दुर्लभ डेटा आधारित पहल है। नीति आयोग के सीईओ अमिताभ कांत ने कहा, ‘‘यह रिपोर्ट हमारे एसडीजी प्रयासों के दौरान तैयार की गई साझेदारी और उसकी मजबूती को दर्शाती है। इससे पता चलता है कि किस तरह मिलकर की गई पहलों के जरिए बेहतर नतीजे पाए जा सकते हैं।’’

राज्यों में क्या है रैंकिंग

1.केरल, 2. हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, 3. आंध्र प्रदेश, गोवा, कर्नाटक, उत्तराखंड, 4. सिक्किम, 5.महाराष्ट्र, 6. गुजरात, तेलंगाना, 7. मिजोरम, पंजाब, 8. हरियाणा, त्रिपुरा, 9. मणिपुर, 10. मध्यप्रदेश, पश्चिम बंगाल, 11. छत्तीसगढ़, नागालैंड, ओडिशा, 12. अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, 13.असम, 14.झारखंड, 15.बिहार।

केंद्र शासित प्रदेश

1.चंडीगढ़, 2.दिल्ली, 3.पुडुचेरी, 4.लक्षद्वीप, 5.अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, 6.जम्मू एंड कश्मीर, 7.लद्दाख, 8. दादर एवं नागर हवेली, दमन एव दीव।

क्या है ये इंडेक्स

इंडेक्स में कई लक्ष्य और पैमाने रखे गये हैं जिनको पूरा करने के आधार पर राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की रैंकिंग तय होती है। इसमें गरीबी हटाने का लक्ष्य, सभी को भोजन का लक्ष्य, स्वास्थ्य, शिक्षा, लैंगिक समानता, पेयजल और स्वच्छता, ऊर्जा, आर्थिक विकास, इंफ्रस्ट्रक्चर, समानता आदि शामिल हैं। इस सूचकांक की शुरुआत दिसंबर 2018 में हुई थी और यह देश में एसडीजी पर प्रगति की निगरानी के लिए प्रमुख साधन बन गया है। पहले संस्करण 2018-19 में 13 ध्येय, 39 लक्ष्यों और 62 संकेतकों को शामिल किया गया था, जबकि इस तीसरे संस्करण में 17 ध्येय, 70 लक्ष्यों और 115 संकेतकों को शामिल किया गया।

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