नक्सली हमले में 22 जवान शहीद, नौ नक्सली ढेर, राष्ट्रपति ने जताया दुख

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रायपुर। छत्तीसगढ़ से सुकमा-बीजापुर में हुए नक्सलियों के हमले में सुरक्षाबलों के 22 जवान शहीद हो गए हैं। इस एनकाउंटर में 9 नक्सली भी मारे गए हैं। बीजापुर जिले के एसपी कमलोचन कश्यप ने यह जानकारी दी है। शनिवार को बस्तर इलाके में नक्सलियों के साथ एनकाउंटर के बाद से 21 जवान लापता हैं, मगर आज सर्च ऑपरेशन के दौरान मुठभेड़ स्थल से सुरक्षाकर्मियों के 17 और शव मिले हैं। इस तरह से नक्सली हमले में कुल 22 जवान अब तक शहीद हो चुके हैं। बता दें कि कल ही पांच जवान शहीद हो गए थे और करीब 30 घायल जवान अस्पताल में भर्ती हैं।

छत्तीसगढ़ के नक्सल विरोधी अभियान के पुलिस उप महानिरीक्षक ओपी पाल ने बताया कि शुक्रवार रात बीजापुर के जंगल में नक्सलियों की मौजूदगी की सूचना थी। इसके बाद उसी रात बीजापुर और सुकमा जिले से केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के कोबरा बटालियन, डीआरजी और एसटीएफ के संयुक्त दल को नक्सल विरोधी अभियान में रवाना किया गया था। इस टुकड़ी में करीब 2 हजार जवान शामिल थे।

वहीं बीजापुर के एसपी कामालोचन कश्यप ने इस बात की पुष्टि की कि शहीद होने वाले जवानों की संख्या 22 पहुंच गई है और इनमें से 15 शव आज बरामद हुए हैं और पांच कल ही मिल गए थे। बता दें कि छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बीजापुर और सुकमा जिले की सीमा पर नक्सलियों के साथ मुठभेड़ के बाद से 21 जवान लापता हैं और उनकी खोज जारी है। पुलिस अधिकारी ने बताया था कि सुरक्षा बलों ने घटनास्थल से एक महिला नक्सली का शव बरामद किया है। मुठभेड़ में नक्सलियों को भी काफी नुकसान होने की खबर है।

कल हुयी थी मुठभेड़

दरअसल, बस्तर इलाके में शनिवार दोपहर लगभग 12 बजे जोनागुड़ा गांव के पास नक्सलियों की पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) बटालियन और तर्रेम के सुरक्षा बलों के बीच मुठभेड़ हुई थी। मुठभेड़ तीन घंटे से अधिक समय तक चली। पाल ने बताया था कि मुठभेड़ में कोबरा बटालियन का एक जवान, बस्तरिया बटालियन के दो जवान तथा डीआरजी के दो जवान (कुल पांच जवान) शहीद हो गए। इस दौरान 30 जवान घायल हुए हैं। घायल जवानों में से सात जवानों को रायपुर के अस्पताल में तथा 23 जवानों को बीजापुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

राष्ट्रपति ने घटना पर जताई संवेदना

President Ram Nath Kovind's Health Stable, Being Referred To AIIMS: Army  Hospitalएनकाउंटर में 22 जवानों की शहादत पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने संवेदना जताई है। राष्ट्रपति ने ट्वीट करके कहा,’छत्तीसगढ़ में माओवादी विद्रोह से जूझते हुए सुरक्षाकर्मियों की हत्या गहरी पीड़ा का विषय है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी संवेदना। राष्ट्र उनके दर्द को साझा करता है और इस बलिदान को कभी नहीं भूलेगा।’

मुख्यमंत्री ने जताया दुख

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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने इस मामले पर दुख जताया और कहा कि जवानों की शहादत बेकार नहीं जाएगी। उन्होंने कहा, 7 घायल सुरक्षाकर्मी जिन्हें रायपुर स्थानांतरित कर दिया गया था, खतरे से बाहर हैं। 21 जवान अब भी लापता हैं और बचाव दल उनकी तलाश कर रहा है। मुझे गृहमंत्री अमित शाह का फोन आया। उन्होंने सीआरपीएफ महानिदेशक को राज्य में भेजा है। मैं शाम को छत्तीसगढ़ लौटूंगा।

खुफिया एजेंसियों ने किया था अलर्ट

जानकारी के मुताबिक खुफिया एजेंसियों ने बीजापुर में नक्सलियों के मौजूद होने की सूचना दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक नक्सली पिछले कुछ दिनों से लगातार बीजापुर, सुकमा, कांकेर में कैंप कर रहे थे। उनकी संख्या 200 से 300 बताई जा रही थी। यह भी पता चला था कि नक्सलियों के कई डिविजनल कमांडर छत्तीसगढ़ के बीजापुर में कैंप कर रहे हैं।

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