राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग पहुंचा चित्रकूट जेल, वरिष्ठ अधिकारी जांच के घेरे में

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नयी दिल्ली। चित्रकूट जेल में गैंगस्टर विवादों के बीच हुई मुठभेड़ में मारे गए दो कुख्यात गैंगस्टर के अलावा पुलिस द्वारा बाद में मारे गए अंशुल दीक्षित की हत्या का मामला अब राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग में पहुंच गया है। आयोग ने इस बारे में की गयी एक शिकायत का संज्ञान लेते हुए जांच का आदेश दिया है। इस हत्या को लेकर जहां परिजन भी लगातार इस मामले में आवाज उठा रहे हैं वही आज पर्यावरण पर लगातार काम करने वाले अंशू गौड़ ने भी उत्तर प्रदेश की चित्रकूट जेल में हथियार आदि पहुंचने के बारे में राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग से शिकायत की है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने संज्ञान आज इस मामले में शिकायत को दर्ज की और जांच के आदेश भी पारित किये। अंशू गौड़ ने अपनी शिकायत के साथ अंशुल दीक्षित द्वारा दो साल पहले जारी किये गये वीडियो को पेश किया। वीडियो में दीक्षित ने साफ-साफ यह कहा था की यदि उसकी हत्या होती है इसका जिम्मेदार उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी अमिताभ यश होंगे। राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग ने वीडियो का भी संज्ञान लिया है। बाकी सारी चीजें जांच के बाद ही स्पष्ट हो पायेंगी। अंशू गौड़ ने उत्तर प्रदेश की योगी सरकार पर भी प्रश्न उठाये हैं कि क्या खुफिया तंत्र बिल्कुल भी सक्रिय नहीं था या रिवाल्वर जेल के अंदर कैसे पहुंचे।

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