वेतन विसंगति को दूर करने की एनएचएम संघ ने उठाई मांग

0
501
National Health Mission Employees Union

लखनऊ। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों की हुई वर्चुअल बैठक में प्रदेश सरकार द्वारा वैश्विक महामारी कोरोना कॉल में 25 प्रतिशत मानदेय में वृद्धि कर प्रोत्साहन राशि की घोषणा पर सरकार के निर्णय पर नाराजगी जताई है। पदाधिकारियों ने कहां कि सरकार कर्मचारियों को लॉलीपॉप देने का कार्य कर रही है। सरकार ने 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि की घोषणा तो कर दी है, किंतु कोविड में अपनी जान की परवाह किए बगैर दिन रात अपनी सेवा दे रहे एनएचएम कर्मचारियों को अभी तक इसका कोई लाभ नहीं मिला है।

इतना ही नहीं पूर्व में हुए फैसले समान वेतन समान कार्य एवं वेतन विसंगति कमेटी द्वारा अभी तक कोई फैसला न लिए जाने से कर्मचारियों में गहरा असंतोष व्याप्त है। वहीं दूसरी ओर स्थानांतरण प्रक्रिया को रोक देने से रोष व्यक्त किया गया। सरकार द्वारा किए गए 25 प्रतिशत प्रोत्साहन राशि वृद्धि मूल वेतन में जोड़ने के साथ वेतन विसंगति को दूर करने की मांग की है। संघ द्वारा निर्णय लिया गया है कि यदि सरकार व जिम्मेदार उच्चाधिकारी इस पर कोई सकारात्मक पहल अतिशीघ्र नहीं करते हैं तो एनएचएम संघ समूचे प्रदेश में कार्य का बहिष्कार करने को बाध्य होंगे, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों की होगी।

बैठक में हुए निर्णय पर संघ के प्रांतीय पदाधिकारियों ने मुहर लगाते हुए निर्णय पर अटल रहने की पूर्ण योजना के साथ रणनीति तैयार कर प्रदेश के जिला अध्यक्षों व अन्य पदाधिकारियों तथा सदस्यों को पत्र के माध्यम से अवगत कराने का निर्णय लिया है। वर्चुअल हुई बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मंयक ठाकुर, डॉ. तव्बाब, डॉ. रविंद्र, सीएम शुक्ला, डॉ. नीरज, करुणा मिश्रा, विजय बाजपेई, आरपी सिंह सहित अन्य लोग शामिल रहे। वहीं पर बैठक के दौरान एनएचएम संघ के प्रदेश उपाध्यक्ष सीएम शुक्ला ने कहा कि कोविड-19 में एनएचएम कर्मचारियों द्वारा कोविड कंट्रोल रूम, आरआरटी, कोविड सेंपलिंग टीम सहित कोविड-19 कार्य में अपना शत प्रतिशत योगदान दे रहे हैं, परंतु शासन-प्रशासन व विभाग द्वारा इसे अनदेखा कर शोषण करने पर उतारू हैं, जिसे संघ बर्दाश्त नहीं करेगा।

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here