राहुल पर सिर्फ 7 फीसदी लोगों को है भरोसा, कैसे बनेंगे प्रधानमंत्री

0
147
Rahul Gandhi

नई दिल्ली। एक मीडिया संस्थान की तरफ से हाल ही में कराए गए एक सर्वे ने भाजपा सरकार को जहां अभी भी सबसे लोकप्रिय पार्टी बताया हैवहीं कांग्रेस को काफी कुछ सुधार करने के संकेत दिए हैं। नरेंद्र मोदी के केंद्र की सत्ता में आने के बाद देश कई तरह के संकटों से जूझ रहा है। लेकिन इन सबके बीच सरकार ने जिस तरह से संकटों से पार पाया है उससे न सिर्फ देशवासी खुश हैंबल्कि विदेशों में भी पीएम मोदी के नेतृत्व का बखान हो रहा है। इन संकटों में जिस विपक्ष को सहयोग करना चाहिए था वही लोग जनता को गुमराह करने की जो कोशिश की वह उनके लिए ही घातक साबित हुआ। सोशल मीडिया के इस दौर में लोगों की निगाहें अब अपने जनप्रतिनिधियों की हर हरकत पर है। फिलहाल इस सर्वे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को देश का सबसे लोकप्रिय नेता बताया गया है। जबकि विश्वसनीयता के मामले में सोनिया गांधी और राहुल गांधी कई नेताओं से भी पीछे छूट गए हैं।

सर्वे के अनुसार 7 फीसदी लोगों ने पीएम पद के लिए राहुल गांधी पर यकीन किया है। वहीँ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर  5 फीसदी लोग प्रधानमंत्री के रूप में भरोसा जताया है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को 4.4 फीसदी लोगों ने अगले प्रधानमंत्री के तौर पर देखना पसंद किया हैं। इसी तरह में 10 फीसदी लोग सीएम योगी को प्रधानमंत्री के तौर पर देखने की इच्छा जाहिर की है। वहीँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पीएम पद के लिए 8 फीसदी लोगों ने पसंद किया है।

अक्सर अच्छा करने में भी लोगों को कुछ दिक्क़तें आती हैं। लेकिन अगर आपकी नीति और नीयत साफ है तो उससे होने वाली दिक्कतों के बावजूद भी जनता का समर्थन मिलता है। इसी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोटबंदी लागू की, इससे भी लोगों को काफी दिक्कत हुई। हाड़ कंपाने वाली ठंड में लोग अपने ही पैसे पाने के लिए बैंक व एटीएम की लम्बी लाइन में लगे। विपक्ष नोटबंदी को लेकर जनता को गुमराह करने में पूरी कोशिश की। राहुल गांधी ने तो पैसा निकालने के लिए एटीएम की लाइन में भी लगे।

लेकिन जनता को नोटबंदी में भी पीएम मोदी से काफी उम्मीद नजर आई और इसी का नतीजा रहा कि इसके बाद होने वाले चुनाव में जनता ने विपक्ष को नकारते हुए भाजपा को पूर्ण बहुत दिया। विपक्ष का यही रुख जीएसटी लागू करने पर भी रहा। सरकार जहां जीएसटी के फायदे बता रही, वहीं विपक्ष को जीएसटी में भी नुकसान नजर आ रहा है। नतीजा सबके सामने हैसरकार फायदे में हैविपक्ष आज भी नुकसान में है। सर्वे से विपक्ष को सबक लेनी चाहिए और गुमराह करने की राजनीति करने की जगह जनहित की राजनीति करनी चाहिए। 

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here