हार का बदला चुकाने उतरेगी विराट सेना

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चेन्नई। पहले टेस्ट मैच में इंग्लैंड ने जिस तरह टीम इंडिया को उसी के घर पर मात दी उससे अब विराट कोहली पर वापसी का दबाव बढ़ गया है। सीरीज में 1-0 से पिछड़ने के बाद टीम इंडिया के लिए चेन्नई के मोटेरा स्टेडियम में ही 14 मार्च रविवार से खेला जाने वाला दूसरा टेस्ट काफी अहम हो गया है। इंग्लैंड जिस फॉर्म में है उसे देखकर खेल जगत के दिग्गज कयास लग रहें हैं कि कहीं टीम इंडिया ने जो ऑस्ट्रेलिया में किया वहीं भारत के साथ न हो जाए। सीरीज में वापसी के लिए टीम इंडिया अब हर तरह के दांव खेलने को तैयार है। पूर्व भारतीय बल्लेबाज और कमेंटेटर आकाश चोपड़ा ने कोहली को सीरीज बचाने के लिए युजवेंद्र चहल को डेब्यू कराने की अहम सलाह दी है और फैंस ने भी उसे जरूरी ठहराया है।

इंग्लिश टीम 36 साल बाद चेन्नई में कोई टेस्ट जीता

बता दें कि मेहमान इंग्लिश टीम 36 साल बाद चेन्नई में कोई टेस्ट जीत सकी है। वहीं भारत की यहां पर 22 वर्ष बाद हार है। इससे पहले जनवरी 1985 में इंग्लैंड ने भारतीय टीम ने 9 विकेट से हराया था। इसके बाद भारत ने लगातार 3 टेस्ट जीते। 227 रन से जीत दर्ज करने में सफल रहा इंग्लैंड। मेहमान टीम की रन के लिहाज से भारत में सबसे बड़ी जीत हैण् इसके पहले 212 रन से 2006 मुंबई में हराया था।

नदीम पर संकट के बादल


चेन्नई में होने वाले दूसरे टेस्ट में भारत की अंतिम एकादश में कम से कम एक बदलाव होगा क्योंकि इंगलैंड के खिलाफ पहले टेस्ट में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद झारखंड के बाएं बाथ के स्पिनर शाहबाज नदीम का बाहर होना लगभग तय है। नदीम के विकल्प पर फैसला शुक्रवार तक किया जाएगा लेकिन उम्मीद की जा रही है कि मैच फिट हो चुके आलराउंडर अक्षर पटेल उनकी जगह लेंगे।

 

टेस्ट सीरीज के नामकरण की मांग

मोंटी पनेसर ने भारत.इंग्लैंड टेस्ट सीरीज के नामकरण की मांग की है। उनका कहना है कि इस सीरीज का नाम एलिस्टर कुक और सचिन तेंदुलकर के नाम रखा जाना चाहिए। उन्होंने ट्वीट करके इसकी वजह भी बताई। उन्होंने लिखा कि दोनों ने अपने.अपने देशों के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं और एक.दूसरे के खिलाफ भी काफी क्रिकेट खेला हैण् अभी सचिन तेंदुलकर के नाम पर एक भी सीरीज नहीं है। इसके बाद दूसरे ट्वीट में उन्होंने सीरीज का नाम वॉन.द्रविड़ रखने का भी सुझाव दिया। फिलहाल इस सीरीज को एन्थनी डी मेलो ट्रॉफी के नाम से जाना जाता है। एन्थनी भारतीय क्रिकेटर के पूर्व अधिकारी हैं और साथ ही बीसीसीआई के फाउंडर्स में भी शामिल है। भारत जब इंग्लैंड में टेस्ट सीरीज खेलती है तो उस सीरीज को पटौदी ट्रॉफी कहा जाता है।

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