
लखनऊ: भक्ति कथाओं में जीवन का सार निहित है। जीवन में बाधाएं तो आती रहती हैं। कुछ लोग इन बाधाओं से पार पाने के लिए धैर्य खो देते हैं, जबकि हर किसी का वक्त होता है और जब बुरा समय हो तो धैर्य की ज्यादा जरूरत होती है। भक्ति कथाओं में ऐसे ढेरों उदाहरण भरे पड़े हैं जिसमें धैर्य और साहस का पूर्वजों ने जो पराक्रम दिखाया है उससे हमें जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है। इसी लिए कथााओं को सुनने से जीवन में आने वाली बाधाओं से पार पाने का रास्ता मिल जाता है। उक्त ज्ञान की बातें लखनऊ के सीतापुर रोड के कैलाश पार्क में चल रहे भागवत कथा के दौरान कथा व्यास प्यारे मोहन महाराज ने व्यक्त की।
कथा का आरंभ उन्होंने राधा जी की भजन से किया। इसके बाद श्रोताओं को मनुष्य के गृहस्थ जीवन से जुड़ी समस्याओं का जिक्र करते हुए प्यारी और मार्मिक कहानी सुनाई। कथा व्यास प्यारे मोहन महाराज की भजन और पति-पत्नी से जुड़े प्रसंगों को सुनकर श्रद्धालु भाव विभोर हो गये। प्रसंग ऐसे थे जिसकी अनुभूति वहां उपस्थित हर किसी को थी।
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प्यारे मोहन महाराज ने श्रोताओं को बताया कि कथा कभी समाप्त नहीं होती। कथा का विश्राम होता है। कथा निरन्तर चलती रहती है बस समय और स्थान बदलते रहते हैं।
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