Kahani: पिता-पुत्र की सोच का अंतर
Kahani: एक बार एक पिता और उसका पुत्र जलमार्ग से कहीं यात्रा कर रहे थे तभी अचानक दोनों मार्ग से भटक गये। फिर उनकी नौका भी उन्हें ऐसे स्थान पर…
Kahani: एक बार एक पिता और उसका पुत्र जलमार्ग से कहीं यात्रा कर रहे थे तभी अचानक दोनों मार्ग से भटक गये। फिर उनकी नौका भी उन्हें ऐसे स्थान पर…
Kahani: एक गांव में धर्मदास नामक एक व्यक्ति रहता था। बातें तो बड़ी ही अच्छी- अच्छी करता था पर था एकदम कंजूस। कंजूस भी ऐसा वैसा नहीं बिल्कुल मक्खीचूस। चाय…
Kahani: एक सेठ ने अन्नसत्र खोल रखा था। उनमें दान की भावना तो कम थी पर समाज उन्हें दानवीर समझकर उनकी प्रशंसा करे यह भावना मुख्य थी। उनके प्रशंसक भी…
Prerak Prasang: एक व्यक्ति हमेशा ईश्वर के नाम का जाप किया करता था। धीरे-धीरे वह काफी बुजुर्ग हो चला था इसीलिए एक कमरे में ही पड़ा रहता था। जब भी…
Kahani: राजा के दरबार में एक आदमी नौकरी मांगने के लिए आया। उससे उसकी क़ाबलियत पूछी गई। तो वो बोला, मैं आदमी हो, चाहे जानवर, शक्ल देख कर उसके बारे…
Kahani: एक व्यक्ति था। उसके पास नौकरी, घर-परिवार, रुपया-पैसा, रिश्तेदार और बच्चे सभी कुछ था। कहने का सार यह है उस व्यक्ति के पास किसी चीज़ की कोई कमी नहीं…
Kahani: एक नगर में एक जुलाहा रहता था। वह स्वभाव से अत्यंत शांत, नम्र तथा मिलनसार था। उसे क्रोध तो कभी आता ही नहीं था। एक बार कुछ लड़कों को…
Kahani: एक राजा था, उसके कोई पुत्र नहीं था। राजा बहुत दिनों से पुत्र की प्राप्ति के लिए आशा लगाए बैठा था, लेकिन पुत्र की प्राप्ति नहीं हुई। उसके सलाहकारों…
Pauranik Katha: अक्षय पात्र को जानने से पहले अक्षय को समझें। अक्षय का अर्थ होता है, जिसका कभी छय न हो यानी नाश न हो। जो कभी खत्म नहीं किया…
Kahani: एक बार एक जिज्ञासु व्यक्ति ने एक संत से प्रश्न किया, महाराज, रंग रूप, बनावट प्रकृति में एक जैसे होते हुए भी कुछ लोग अत्यधिक उन्नति करते हैं। जबकि…