Kahani: हो गई गलती

Kahani: राजा कृष्णदेव राय का दरबार सजा था। सदा की भाँति तेनालीराम भी अपने आसन पर विराजमान थे। महाराज कृष्णदेव राय के दरबार में योग्य व्यक्तियों का अभाव न था।…

पुण्यकोटी गाय की मार्मिक कहानी

Kahani: कलिंग नामक एक ग्वाला पहाड़ के निकट अपनी गायों के साथ बहुत सुख-सन्तोष से रहता था। उसकी गायों में पुण्यकोटि नाम की एक गाय थी, जो अपने बछड़े को…

Kahani: जीवन की मूल परिभाषा

Kahani: एक धन सम्पन्न व्यक्ति अपनी पत्नी के साथ रहता था। पर कालचक्र के प्रभाव से धीरे-धीरे वह कंगाल हो गया। उस की पत्नी ने कहा कि सम्पन्नता के दिनों…

Kahani: ईश्वर की सच्ची भक्ति

Kahani: एक पुजारी थे, ईश्वर की भक्ति में लीन रहते थे। सबसे मीठा बोलते और सबका खूब सम्मान करते। लोग भी उन्हें अत्यंत श्रद्धा एवं सम्मान भाव से देखते थे।…

Kahani: पिता का आशीर्वाद

Kahani: जब मृत्यु का समय निकट आया तो पिता ने अपने एकमात्र पुत्र धर्मपाल को बुलाकर कहा कि बेटा मेरे पास धन-संपत्ति नहीं है कि मैं तुम्हें विरासत में दूं।…

Kahani: चार मोमबत्तियां

Kahani: रात का समय था। चारों ओर पूरा अंधेरा छाया हुआ था। केवल एक ही कमरा प्रकाशित था। वहाँ चार मोमबत्तियाँ जल रही थी। चारों मोमबत्तियाँ एकांत देख आपस में…

Kahani: विश्वास

Kahani: एक डाकू था जो साधु के भेष में रहता था। वह लूट का धन गरीबों में बाँटता था। एक दिन कुछ व्यापारियों का जुलूस उस डाकू के ठिकाने से…