1966 का प्रयाग का अद्भुत महाकुम्भ!

श्याम कुमार गृहनगर इलाहाबाद में 2 नवम्बर, 1961 को पत्रकारिता में आने के बाद मैंने वहां आयोजित प्रत्येक महाकुम्भ एवं कुम्भ की जितनी गहन एवं व्यापक कवरेज की, उतनी किसी…

31 दिसम्बर की वह खतरनाक रात!

श्याम कुमार Happy New Year: वर्ष 1987 की घटना है। दिसम्बर के अंतिम सप्ताह में कानपुर के लाजपत भवन में ‘रंगभारती’ का दशकों पुराना ‘गदहा सम्मेलन’ शीर्षक सुविख्यात अखिल भारतीय…

संविधानसभा के लिए चुनाव नहीं हुआ था

भारत के संविधान के संदर्भ में पिछले दिनों सर्वोच्च न्यायालय का जो फैसला आया, जिसका विवरण समाचारपत्रों में प्रकाशित हुआ, वह अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा विद्वानों को उस पर व्यापक…

उस रात ताजमहल सुनहरा हो जाता है

पहले ऐतिहासिक नगर आगरा में ताजमहल का दीदार उतना ही आसान हुआ करता था, जितना उस समय लखनऊ में मुख्यमंत्री से भेंट करना। दोनों जगह कोई बंधन नहीं होता था।…

‘संविधान हत्या दिवस’ बहुत उचित कदम

Samvidhan Hatya Diwas: एक चालाक चोर ने पकड़े जाने से बचने के लिए स्वयं ‘चोर-चोर’ चिल्लाना शुरू कर दिया था, ताकि चोर को पकड़ने के लिए लोगों का ध्यान उसकी…