समय, संबंध, संवेदना और संस्कृति के शोधन का आधार हैं श्रीकृष्ण
।।ॐ श्री वासुदेवाय नमः।। माता के गर्भ में आते ही माता और पिता को कारावास। भादो की काली आधीरात में कारागार में ही जन्म। पिता ने शिशु की सुरक्षा के…
।।ॐ श्री वासुदेवाय नमः।। माता के गर्भ में आते ही माता और पिता को कारावास। भादो की काली आधीरात में कारागार में ही जन्म। पिता ने शिशु की सुरक्षा के…
सृष्टि नैसर्गिक है। सनातन शाश्वत है। भारत वर्ष सनातन शाश्वत नैसर्गिक सृष्टि का संरक्षक है। भूदेवी, अर्थात पृथ्वी के सुख, शांति और समृद्धि पूर्वक संरक्षण का दायित्व भारत को ही…
भारत अपनी स्वाधीनता का 79वाँ दिवस मना रहा है। आज से ठीक 78 वर्ष पूर्व आज की इसी तिथि को आधी रात को जब जवाहर लाल नेहरू तिरंगा फहरा रहे…
विधाता ने पृथ्वी को अस्तित्व दिया। पृथ्वी पर सृष्टि रची गई। सृष्टि में जंगल, जंगम, पर्वत, नदियां, ताल, पोखरे, जीव, जंतु, पशु पक्षी, मनुष्य आदि सभी रचे गए। सृष्टि में…
मनुष्य की यात्रा सृष्टि के साथ ही चल रही है। इस यात्रा में सभ्यताएं विकसित होती हैं, परिभाषाएं गढ़ती हैं और समाप्त भी हो जाती हैं। सृष्टि के साथ ही…
स्वाधीन भारत में अब से ठीक 50 वर्ष पूर्व देश में जो कुछ घटा वह फिर कभी न घटे। भारत में इमरजेंसी देख चुकी और भोग चुकी पीढ़ी तो अब…
जगत के भौतिक विकास का काँचन स्वरूप कभी भी स्थाई नहीं रहा हैं। आगे भी नहीं रहेगा। कामिनी और कंचन के प्रभाव में जगत की काया तभी तक चमक पाती…
सनातन की स्थापना का युद्ध लड़ते वे अप्रतिम बन चुके हैं। सनातन राज व्यवस्था में एक चक्रवर्ती सम्राट की तरह उन्हें देखा जा रहा है। विशेष रूप से भारत के…
जगद्गुरु आदि शंकराचार्य अलौकिक प्रतिभा, प्रकाण्ड पाण्डित्य, प्रचण्ड कर्मशीलता के धनी थे। इस धराधाम में आज से लगभग तीन हजार वर्ष पहले वैशाख शुक्ल पंचमी को उनका अवतरण हुआ था।…
अक्षय तृतीया या आखा तीज वैशाख मास में शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को कहते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार इस दिन जो भी शुभ कार्य किये जाते हैं, उनका…