यूपी का प्लान लेकर फिर आ रहे अमित शाह, सपा के गढ़ में सेंध लगाने की तैयारी

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Amit Shah UP plan

प्रकाश सिंह

लखनऊ: यूपी विधानसभा चुनाव 2022 (UP assembly elections 2022) की कमान अब केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah UP plan) संभाल चुके हैं। विरोधियों को कैसे पस्त करना है अब इस प्लान के साथ वह 12 नवंबर को फिर दो दिवसीय दौरे पर उत्तर प्रदेश आ रह हैं। चुनावी तैयारी को लेकर अमित शाह (Amit Shah UP plan) का यह दौरा काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इस बार वह 403 सीटों के प्रभारियों के साथ बैठक कर उन्हें चुनाव में जीत का गुर सिखाएंगे।

वाराणसी में करेंगे चुनावी समीक्षा

गौरतलब है कि बीते दिनों केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) चुनावी नब्ज टटोलने राजधानी लखनऊ आए थे। इस दौरान उन्होंने सपा पर तीखा हमला भी बोला था। इस बार अमित शाह (Amit Shah) 12 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंच रहे हैं और यही चुनावी समीक्षा बैठक करेंगे। इस दौरान वह प्रदेश की सभी 403 सीटों के प्रभारी, पार्टी के सभी जिलाध्यक्षों और जिला प्रभारियों के साथ बैठक करेंगे। उनकी यह बैठक 12 नवंबर को देर रात तक चलने वाली है। इस दौरान वह यूपी विधानसभा चुनाव 2022 (UP assembly elections 2022) की समीक्षा भी करेंगे। इसके अलावा काशी क्षेत्र की भी अलग से बैठक होगी।

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सपा के गढ़ से अखिलेश पर बोलेंगे हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) 13 नवंबर को अजमगढ़ में जनसभा को संबोधित करेंगे। बता दें कि आजमगढ़ सपा का गढ़ माना जाता है और यह सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) का संसदीय क्षेत्र भी है। भारतीय जनता पार्टी ने वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के खिलाफ भोजपुरी स्टार दिनेश लाल यादव उर्फ निरहुआ को मैदान में उतारा था। लेकिन सपा के सामने भाजपा की आंधी नहीं चल सकी थी। लेकिन भाजपा इस बार सपा का किला ढहाने की पूरी तैयारी कर रही है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह इसकी शुरुआत 13 नवंबर से करेंगे।

कांग्रेस-सपा का साथ भी नहीं आया काम

बता दें कि वर्ष 2017 के चुनाव में बीजेपी 384 सीटों पर चुनाव लड़ी थी और 39.67 फीसदी वोट भी हासिल किया था। इतना ही नहीं 312 सीटों पर जीत के साथ बीजेपी ने प्रचंड बहुमत भी हासिल किया था। बसपा प्रदेश की 403 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ी थी, लेकिन उसे केवल 19 सीटें हासिल हुई थीं। बसपा को कुल 22.23 फीसदी वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस और सपा ने मिलकर चुनाव लड़ा था। समाजवादी पार्टी ने 311 सीटों पर और कांग्रेस ने 114 सीटों पर प्रत्याशी उतारे थे। सपा को मात्र 47 सीटों पर संतोष करना पड़ा था और पार्टी को 21.82 फीसदी वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस 7 सीटें जीतने में सफल रही उसे 6.25 फीसदी वोट मिले थे।

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