परीक्षा कक्ष में
परीक्षा देने के लिए
महज़ अभ्यर्थी नहीं बैठता,
उसके साथ बैठते हैं
अपने-परायों के
बेहिसाब दिल चीरते ताने
जीत-हार के बीच का
मन में पलता द्वंद
कई सालों का संघर्ष
और कठोर मेहनत!
– हिना परिहार
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