सृष्टि के पांचों तत्व पंचाक्षर मंत्र से होते हैं नियंत्रित: हेमचंद्र

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Vidya Bharti

लखनऊ: विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश ने सरस्वती कुंज निरालानगर स्थित प्रो. रज्जू भैया डिजिटल सूचना संवाद केंद्र से गुरुवार को प्रात: 10.15 बजे से शतघंटात्मकं शिव पंचाक्षर मंत्र जाप का सजीव प्रसारण प्रारंभ किया, जो निरंतर 100 घंटे तक चलेगा। इस मंत्र जाप की शुरुआत क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचन्द्र ने हवन-पूजन के बाद की।

इस अवसर पर विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय संगठन मंत्री हेमचंद्र ने कहा कि सृष्टि पांच तत्वों पृथ्वी, अग्नि, जल, आकाश और वायु से मिलकर बनी है। यही पांचों तत्व शिव के पंचाक्षर मंत्र ‘नमः शिवाय’ से नियंत्रित होते हैं। धार्मिक मान्यता है कि ‘ओम नमः शिवाय’ सबसे पहला मंत्र है, जिसकी उत्पत्ति मानव जाति के कल्याण के लिए की गई थी। इस मंत्र के जाप से अकाल मृत्यु के भय से भी मुक्ति मिलती है। पंचाक्षर मंत्र अल्पाक्षर तथा अति सूक्ष्म है, मगर इसमें अनेक अर्थ समाये हुए हैं। यह मंत्र समस्त वेदों का सार है। यह मंत्र मोक्ष देने वाला है।

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विद्या भारती पूर्वी उत्तर प्रदेश के क्षेत्रीय प्रचार प्रमुख सौरभ मिश्रा ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से निपटने के लिए पूरा देश कृत संकल्पित है। इस संकट भरे समय में सम्पूर्ण विश्व की रक्षा हेतु और जन सामान्य में नकारात्मकता का नाश कर भक्ति भाव जाग्रत करने के उद्देश्य से प्रो. रज्जू भैया डिजिटल सूचना संवाद केंद्र ने यूट्यूब पर शतघंटात्मकं शिव पंचाक्षर मंत्र का सजीव प्रसारण प्रारंभ किया गया।
इस अवसर पर भारतीय शिक्षा समिति अवध प्रांत के मंत्री हरेन्द्र श्रीवास्तव, जन शिक्षा समिति अवध प्रांत के मंत्री दिनेश चन्द्र मिश्र, अवध प्रांत के प्रदेश निरीक्षक राजेंद्र बाबू, शुभम सिंह, वीरेंद्र पांडेय सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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