इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार ‘नीरज’ को मिलेगा राजभाषा गौरव पुरस्कार

0
195
Dharmendra Kumar

लखनऊ: आज मंगलवार का दिन लखनऊ वासियों के लिए गर्व का दिन होगा। आज हिंदी दिवस के मौके पर गृह मंत्री अमित शाह लखनऊ निवासी इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार ‘नीरज’ को ‘राजभाषा गौरव पुरस्कार 2020-21’ से सम्मानित करेंगे। धर्मेंद्र कुमार को उनकी किताब ‘कृषि एवं एमएसएमई, आत्मनिर्भर भारत को महत्वपूर्ण योगदान’ के लिए प्रथम पुरस्कार दिया जाएगा।

गृह मंत्री अमित शाह करेंगे पुरस्कृत

इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार ‘नीरज’ ने पुरस्कार मिलने की जानकारी देते हुए बताया कि ‘हिंदी दिवस के मौके पर मुझे गृह मंत्री अमित शाह द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। मुझे बताते हुए अत्यंत प्रसन्नता हो रही है कि राजभाषा गौरव पुरस्कार (2020-21) के प्रथम पुरस्कार हेतु मुझे चुना गया है।’

इसे भी पढ़ें: राजा महेंद्र प्रताप सिंह का क्या है काबुल कनेक्शन

उन्होंने भारत सरकार का यह निर्णय साझा करते हुए कहा कि मैं ख़ुश हूं कि हमारी पुस्तक ‘कृषि एवं एमएसएमई, आत्मनिर्भर भारत को महत्वपूर्ण योगदान’ को भारत सरकार ने राजभाषा गौरव पुरस्कार, 2020 ( प्रथम पुरस्कार) के लिए चुना है।

राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने भी किया था सम्मानित

बता दें इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार ‘नीरज’ को इससे पहले साल 2015 में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने ‘बैंक की आधुनिक प्रवृत्तियों’ विषय पर किताब लिखने पर राजभाषा हिंदी का प्रथम पुरस्कार दिया था। धर्मेंद्र कुमार राजधानी लखनऊ के जियामऊ इलाके में रहते हैं।

कौन हैं धर्मेंद्र कुमार ‘नीरज’?

धर्मेंद्र कुमार ‘नीरज’ मूलतः उप्र के जौनपुर जिले के सरायख्खाजा क्षेत्र के रहने वाले हैं। इनका जन्म इसी इलाके के ज़र्रों गांव में रहने वाले जोखन यादव के घर हुआ था। धर्मेंद्र कुमार पांच भाइयों में दूसरे स्थान पर रहे हैं।

इनकी शिक्षा-दीक्षा गांव के प्राथमिक विद्यालय में ही हुई थी। इंटर कॉलेज मिहरावां में पढ़ने के बाद पंतनगर विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की। जिसके बाद, इनका चयन बैंक आफ बड़ौदा में हुआ और उन्होंने रीजनल मैनेजर पद पर कार्य करने के साथ ही बैंक की आधुनिक प्रवृत्तियों, कृषि एवं आत्मनिर्भर भारत विषय पर किताब लिखी।

परिवार के सभी सदस्य हैं उच्च पदों पर

इंजीनियर धर्मेंद्र कुमार ‘नीरज’ के बड़े भाई राजेन्द्र यादव राजकीय महाविद्यालय में प्राचार्य, तीसरे भाई आईआईटी कानपुर में प्रोफेसर एवं केएन यादव वरिष्ठ सर्जन बलरामपुर में हैं। वहीं, एक बहन डा. शिप्रा यादव लखनऊ में स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी हैं। उनका पूरा पारिवारिक कुनबा शिक्षित होने के साथ ही कृषि कार्यों में भी शामिल है।

इसे भी पढ़ें: लोजपा के सांसद पर रेप का केस दर्ज

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here