फूलन देवी की प्रतिमा लग सकती है तो विकास दुबे और श्रीप्रकाश शुक्ला की क्यों नहीं

0
499
Rajendra Nath Tripathi

कानुपर: राजनीति में सब जायज है। क्योंकि राजनीति में अधिकतर वहीं चेहरे हैं जो अपराध की दुनिया से होकर आए हैं। ऐसे लोगों से ही गलत के भेद करने की उम्मीद बेमानी है। यूपी में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए राजनीतिक दलों की नजर में जहां एकबार फिर ब्राह्मण पूज्यनीय हो गए हैं, अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी एक कदम और अगे बढ़ते हुए ऐसा बयान दे दिया है, जिस पर सनसनी मच गई है। उन्होंने कहा है कि यदि प्रदेश में फूलन देवी की प्रतिमा लगाई जा सकती है तो ब्राह्मणों के महापुरुष विकास दुबे और श्रीप्रकाश की भी प्रतिमा लगेगी। अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष का फैसला भले ही गलत हो पर उनके तर्क को खारिज नहीं किया जा सकता।

बता दें कि अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के अध्यक्ष राजेंद्र नाथ त्रिपाठी का बयान ऐसे समय आया है जब सूबे में राजनीतिक दलों द्वारा ब्राह्मणों को रिझाने की होड़ लगी है। सभी रजनीतिक दल इसके लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। अयोध्या में बसपा का ब्राह्मण सम्मेलन के बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने पूर्वांचल में ब्राह्मण सभा की घोषणा कर नई टीम बना दी है। बता दें कि गत दिनों कानपुर के चौबेपुर स्थिति ग्राम बरुआ में भगवान परशुराम मंदिर के भूमि पूजन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में पहुंचे अखिल भारतीय ब्राह्मण महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पं. राजेंद्र नाथ त्रिपाठी ने मंच से घोषणा करते हुए कहा कि ब्राह्मण महासभा यूपी में श्रीप्रकाश शुक्ला और विकास दुबे की प्रतिमा स्थापित कराएगी।

इसे भी पढ़ें: अखिलेश यादव ने इन पांच चेहरों पर लगाया दांव

उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि जब फूलन देवी डकैत और ददुआ डकैत की प्रतिमा उनका समाज लगवा सकता है जो घोषित डकैत थे तो जो ब्राह्मणों के महापुरुष और वीरता के प्रेरणास्रोत की प्रतिमा क्यों नहीं लगाई जा सकती है। इसके लिए पूरा ब्राह्मण समाज इसका समर्थन करता है। श्री त्रिपाठी ने कहा कि विकास दूबे और श्रीप्रकाश शुक्ला के साथ प्रशासन ने अन्याय किया है। उन्होंने कहा कि अगर वे गुनाहार थे तो उन्हें न्यायालय सजा सुनाती। सजा देने का हक सरकार किसने दिया है। उन्होंने ब्राह्मणों को सतर्क करते हुए कहा कि आने वाले विधानसभा चुनाव 2022 में ब्राह्मण समाज को छला जाएगा। ऐसे में समाज के लोगों को राजनीतिक दलों से पूछना चाहिए अभी तक वो कहां थे जब ब्राह्मणों के साथ अन्याय किया जा रहा था।

इसे भी पढ़ें: ओवैसी सशर्त साइकिल की सवारी को तैयार

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here