सत्ता में संत फिर भी नहीं रुक रही संतों की हत्या

0
495
Mahant Narendra Giri

प्रकाश सिंह

गोंडा: प्रयागराज में किसी बड़े संत के हत्या का यह दूसरा वाक्या है जब लोग दहल उठे हैं। इससे पहले 10 फरवरी, 2006 को प्रयागराज में प्रमुख कुंभ मेला स्नान कर वाराणसी जाने के लिए रवाना हुए संत ज्ञानेश्वर व उनके शिष्यों पर गोलियां बरसाई गईं। इसमें संत ज्ञानेश्वर व उनके कुछ शिष्य पुष्पा, पूजा, नीलम, गंगा, ओमप्रकाश, रामचंद्र मिथिलेश की मौत हो गई वहीं दिव्या, संतोषी, अनीता, मीनू गंभीर रूप से घायल हो गईं। अब 20 सितंबर, 2021 को अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि की हत्या। हालांकि अभी तक इस बात का खुलासा नहीं हो सका है कि यह हत्या है या आत्महत्या।

वहीं के कुछ शिष्यों का व महंत के लिखे सुसाइड नोट से यह बात सामने आ रही है कि आनंद गिरि के द्वारा उन्हें काफी समय से ब्लैकमेल किया जा रहा था। शासन ने हत्या और आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसआईटी गठन का आदेश भी दे दिया है। वहीं प्रदेश सरकार ने बुधवार देर शाम मामले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की है। संतों की हत्या की बात की जाए तो बीते 2 वर्ष में 20 से ऊपर संतों की हत्या हो चुकी है।

इसे भी पढ़ें: सीएम का हेल्पलाइन नंबर 1076 किस काम का

13 अगस्त, 2018 को सुल्तानपुर में पुजारी श्यामलाल की हत्या, 14 अगस्त, 2018 को औरैया में दो साधनों समिति की हत्या, मेरठ में पुजारी और उसके सेवादार की हत्या। 31 अगस्त, 18 को पीलीभीत में पुजारी रामेश्वर दयाल की हत्या। 31 अगस्त को ही बाराबंकी में पुजारी संश्लेषण की हत्या। 2 जून, 2019 को रायबरेली में पुजारी स्वामी प्रेम दास की हत्या। 14 जून को ही मथुरा में साधु की हत्या। 1 सितंबर, 2019 को हरदोई में साधुओं हीरा दास की हत्या। 23 अक्टूबर, 2019 को हापुर में साधु बालक दास की हत्या।

28 अक्टूबर, 2019 को मुरादाबाद में साधु की हत्या। 18 जनवरी, 2019 को चित्रकूट में महंत अर्जुनदास की हत्या। 25 फरवरी, 2020 को पीलीभीत में महंत की हत्या। 26 फरवरी, 2020 को पीलीभीत में पुजारी की हत्या। 25 मार्च, 2020 को गोरखपुर में पुजारी की हत्या। 18 जुलाई, 2020 को पीलीभीत में बाबा लाल जी की हत्या। 23 जुलाई 2020 को सुल्तानपुर में साधु की हत्या। 6 सितंबर, 2020 को कन्नौज में साधु सीधी ग्राम की हत्या। 11 सितंबर, 2020 को बिजनौर में साधु की हत्या। ये सब आंकड़े यह बताने के लिए काफी है कि कुछ आपराधिक प्रवृति के लोग साधु के भेष में उनके बीच में घुसे हुए हैं। उनके मन में जब कोई लालच आ जाती है तो वह हत्या जैसे जघन्य अपराध करने से भी नहीं चूकते।

महंत नरेंद्र गिरि के मामले में भी कुछ इसी तरह की बात उभर कर आ रही है। किसी लड़की के साथ उनके वीडियो होने की चर्चा है, जिसकी तलाश पुलिस कर रही है। फिलहाल इस हत्या और आत्महत्या के मामले में कुछ गंभीर बात तो है, जिसे नजंदाज नहीं किया जा सकता।

इसे भी पढ़ें: गो संरक्षण के नाम पर यह भी हत्या ही है!

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here