फर्जी प्रमाणपत्र से बने शिक्षक और लिपिक, पांच गिरफ्तार, 17 पर एफआईआर

0
342
arest

देवरिया: देश में एक तरफ पढ़े लिखे बेरोजगारों की फौज खड़ी हैं, तो दूसरी तरफ लोग फर्जी प्रमाण पत्र के आधार पर सरकारी नौकरी भी कर रहे हैं। कुछ तो ऐसे हैं जो रिटायर भी हो चुके हैं, लेकिन संबंधित विभाग को पता ही नहीं लगा कि उनका सार्टिफिकेट सही था या फिर फर्जी। फिलहाल देवरिया जनपद में शिक्षा विभाग में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां एसटीएफ ने फर्जी प्रमाणपत्र पर नौकरी करने वाले शिक्षक, कर्मचारी और दलाल समेत 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए लोगों को एसटीएम ने कोतवाली पुलिस को सौंपते हुए बीएसए कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी सहित 17 लोगों के खिलाघ्फ मुकदमा दर्ज कराया है।

एसटीएफ इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर लिया है। साथ ही इस मामले में फरार चल रहे 12 लोगों की गिरफ्तारी के लिए एसटीएफ के साथ कोतवाली पुलिस भी लग गई है। वहीं सिद्धार्थनगर जिले के जिला विद्यालय निरीक्षक अवधेश नारायण मौर्य ने देवरिया के बीएसए कार्यालय के वित्त व लेखाधिकारी को पत्र भेजकर जिले के अशासकीय सहायता प्राप्त पूर्व माध्यमिक विद्यालयों में अनियमित एवं फर्जी रूप से नियुक्त शिक्षकों का भुगतान रोकने के निर्देश दिए हैं। बताते चलें कि अवधेश नारायण मौर्य इससे पहले जिले में बेसिक शिक्षाधिकारी के पद पर तैनात रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान कर्मचारियों ने दलाल और लेखाधिकारी की मिलीभगत से अलग-अलग विद्यालयों में चार शिक्षकों की नियुक्ति कराई गई है।

इसे भी पढ़ें: एक्ट्रेस को मिल रहीं रेप की धमकियां, मां को भेजा अश्लील तस्वीरें

हालांकि इससे पहले बीएसए अवधेश नारायण मौर्य द्वारा निर्गत अनुमोदन पत्र संलग्न किया गया था। लेकिन आपत्ति के बाद भी वित्त और लेखाधिकारी ने वेतन भुगतान करते रहे। इसके बाद डीआईओएस सिद्धार्थनगर ने इसकी शिकायत एसटीएफ गोरखपुर से की। इसी शिकायत के आधार पर एसटीएफ गोरखपुर के इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इसकी जांच शुरू की तो बीएसए कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी, कर्मचारी, शिक्षक, विद्यालयों के प्रबंधक और दलाल समेत 17 लोगों के नाम सामने आए।

इन पर दर्ज हुआ मुकदमा

वहीं एसटीएफ इंस्पेक्टर की तहरीर पर सदर कोतवाली पुलिस ने बीएसए कार्यालय के वित्त एवं लेखाधिकारी जगदीश लाल श्रीवास्तव, दिलीप कुमार उपाध्याय, विमल कुमार शुक्ला, ब्रजेन्द्र सिंह, राघवेन्द्र प्रसाद श्रीवास्तव, अजित उपाध्याय, राजकुमार मणि, ओमप्रकाश मिश्रा, जनार्दन उपाध्याय, विनय कुमार, कुमारी अंजना, सुरेन्द्र यादव, नीतू रस्तोगी, जगदीश यादव, कुमारी विमला यादव, श्वेता मिश्रा और रंजना कुमारी के विरुद्ध धारा 409, 419, 420, 467, 468, 471, 474, 120बी आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। इसके अलावा एसटीएफ ने शहर के कचहरी चौराहे से चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। मेडिकल कराने के बाद कोतवाली पुलिस ने इन आरोपियों को जेल के लिए रवाना कर दिया।

इनकी हुई गिरफ्तारी

गिरफ्तार आरोपियों में मुन्ना यादव पुत्र स्व. लोरिक यादव निवासी भटवलिया वार्ड नम्बर एक थाना सदर कोतवाली, ओम प्रकाश मिश्रा पुत्र लक्ष्मण मिश्र निवासी अहिलवार बुजुर्ग थाना बरियारपुर, अजीत उपाध्याय पुत्र स्व. सुशील कुमार उपाध्याय निवासी पंचवटी नगर शिवपुर रोड सिघड़िया कुडाघाट थाना कैंट जिला गोरखपुर हाल मुकाम मनिहारी थाना सलेमपुर कोतवाली, राजकुमार मणि त्रिपाठी पुत्र स्व. शिवशंकर निवासी बैरडीह थाना गौरीबाजार के नाम शामिल हैं। इन्हीं लोगों की निशानदेही पर बीएसए कार्यालय के चतुर्थ श्रेणी के कर्मचरी संजय कुमार आर्य पुत्र रामविलास मौर्य निवासी खामपार थाना खामपार जिला देवरिया को भी धर दबोच लिया गया है।

इसे भी पढ़ें: राजा भैया के क्षेत्र में दस साल बाद वोटिंग

कोई जवाब दें

Please enter your comment!
Please enter your name here