दिनेश शर्मा और ब्रजेश पाठक ने किया विश्व व्यवस्था का पुरजोर समर्थन

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Dr. Dinesh Sharma

लखनऊ: सिटी मोन्टेसरी स्कूल द्वारा ऑनलाइन आयोजित किये जा रहे ‘विश्व के मुख्य न्यायाधीशों के 22वें अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन’ के तीसरे दिन रविवार को उप-मुख्यमंत्री डा. दिनेश शर्मा, कानून व न्यायमंत्री ब्रजेश पाठक एवं प्रदेश विधानसभा के डेप्युटी स्पीकर नितिन अग्रवाल ने विश्व के सभी राष्ट्रप्रमुखों से अपील की कि वे अपने-अपने देश में बच्चों को बचपन से ही विश्व एकता व विश्व शान्ति के संस्कार देने की व्यवस्था करें। हैती के पूर्व प्रधानमंत्री जीन हेनरी सिएन्ट व मॉरीशस के पूर्व राष्ट्रपति कासम उतीम समेत अन्य वक्ताओं की भी आम राय रही कि बच्चों को शुरू से ही एकता व शान्ति के विचार देने चाहिए। इस अवसर पर दक्षिण अफ्रीका के कॉन्स्टीट्यूशनल कोर्ट के पूर्व जज न्यायमूर्ति रिचर्ड गोल्डस्टोन को ‘महात्मा गाँधी अवार्ड’ एवं अमेरिका के सीनियर जज न्यायमूर्ति मार्क लॉरेन्स वोल्फ को ‘मदर टेरेसा अवार्ड’ से वर्चुअल प्रजेन्टेशन के माध्यम से सम्मानित किया गया।

इस ऐतिहासिक सम्मेलन में अपने विचार व्यक्त करते हुए मुख्य अतिथि डॉ. दिनेश शर्मा ने कहा कि इस अन्तर्राष्ट्रीय मुख्य न्यायाधीश सम्मेलन के माध्यम से सीएमएस सारे विश्व के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित व सुखमय करने का अनूठा अभियान चला रहा है। कानून व न्यायमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि ‘वसुधैव कुटम्बकम’ की भावना ही हमारी असली ताकत है।

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म्यांमार सुप्रीम कोर्ट के जज न्यायमूर्ति म्यो टिंट ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोना महामारी ने यह अहसास करा दिया है कि सह-अस्तित्व ही अंतिम सत्य है। थाईलैण्ड के एडमिनिस्ट्रेटिव कोर्ट के प्रेसीडेन्ट न्यायमूर्ति प्रतोप कलायसुमन ने कहा कि थाईलैण्ड में सरकार व सामाजिक संस्थाएं हाथ से हाथ मिलाकर कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, यूक्रेन सुप्रीम कोर्ट की न्यायाधीश न्यायमूर्ति गान्ना रोन्स्का, अजरबैजान के न्यायाधीश न्यायमूर्ति अलादीन जफारोव, स्लोवेनिया सप्रीम कोर्ट के प्रेसीडेन्ट न्यायमूर्ति दमीजान फ्लोरजेमी, कोस्टारिका की न्यायाधीश न्यायमूर्ति रोजा मारिया एकान, पेरू के सुपीरियर कोर्ट के जज न्यायमूर्ति डा. जोसेफा वी इजागा पेलग्रिन एवं जापान की शान्ति संस्था ‘ब्योको शिंको काई’ की चेयरपरसन मसामी सायोन्जी समेत देश-विदेश के अनेक न्यायविदों व कानूनविदों ने अपने सारगर्भित विचार व्यक्त किये।

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